पूर्णिया: कांग्रेस जिला अध्यक्ष बिजेंद्र यादव, पूर्व विधायक अमरनाथ तिवारी, डॉ. इरशाद खान, पूर्व अध्यक्ष रंजन सिंह, प्रवक्ता जवाहर किशोर उर्फ रिंकू यादव, जयवर्धन सिंह, रविंद्र सिंह, राकेश झा और मोहन झा ने संयुक्त बयान जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। नेताओं ने आरोप लगाया कि जब-जब प्रधानमंत्री राजनीतिक दबाव में आते हैं, तब ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों का सहारा लेकर आत्मप्रशंसा करते हैं या केंद्रीय एजेंसियों को आगे कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि जीएसटी पर प्रधानमंत्री पहले ही लाल किले से भाषण दे चुके थे, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा टीवी पर आकर इसे ‘त्योहार की मिठास’ बता रहे हैं, जबकि यही कर प्रणाली कभी मिडिल क्लास की कमर तोड़ चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब जीएसटी को खुद मोदी जी मुख्यमंत्री रहते हुए खारिज करते थे, तो अब वही टैक्स गरीबों पर भारी क्यों पड़ रहा है? साथ ही रिंकू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जो प्रधानमंत्री स्वदेशी अपनाने की अपील करते हैं, वे खुद विदेशी उत्पादों—अमेरिकी जूते, जर्मन कारें, स्विस घड़ी, और इटली के चश्मे—का इस्तेमाल करते हैं।
नेताओं ने यह भी मांग की कि प्रधानमंत्री जनता से सीधे संवाद के लिए एक बार खुली प्रेस वार्ता करें, और यह स्पष्ट करें कि पिछले आठ वर्षों में उन्होंने आम लोगों के लिए ‘मिठास’ कब सुनिश्चित की। अंत में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए तमाम मुद्दे—चाहे वो जीएसटी को “गब्बर सिंह टैक्स” कहना हो या वोट चोरी का मामला—अब सच साबित हो रहे हैं और जनता जवाब चाहती है, प्रचार नहीं।



