पूर्णिया: सीजेआई पर हुए हमले के खिलाफ बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जयवर्द्धन सिंह ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की विचारधारा कलम की ताकत देती है, जबकि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा जूता फेंकने वालों को बढ़ावा देती है। जयवर्द्धन सिंह ने नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि “जो नेता दलितों के वोट से सत्ता तक पहुंचे, आज वही मौन हैं। यह केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक दिवालियापन की निशानी है।”
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि भारत की संवैधानिक अस्मिता और बाबा साहेब के आदर्शों पर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस मानसिकता से प्रेरित लोग लगातार दलित सीजेआई के खिलाफ जहर उगल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में दलितों की हालत बेहद खराब है। जातिवार सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि राज्य की 64% आबादी गरीबी में जी रही है। अनुसूचित जातियों में मुसहर, भुइयां और डोम सबसे ज्यादा गरीब हैं। जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि “सरकारें दलितों के नाम पर वोट तो लेती हैं, लेकिन न रोजगार देती हैं, न सुरक्षा।”
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पब्लिक सेक्टर के निजीकरण से आरक्षण का हक खत्म हो रहा है। “सार्वजनिक उपक्रमों में आरक्षित 4.8 लाख पद निजी हाथों में जाते ही समाप्त हो जाएंगे। यह सामाजिक न्याय की रीढ़ पर सीधा प्रहार है।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में दलित किसानों की औसत आय ₹7542 रह गई है, यानी प्रति व्यक्ति ₹50 प्रतिदिन। एपीएमसी मंडी कानून न होने से उन्हें एमएसपी तक नहीं मिलता। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार दलित उत्पीड़न के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर है।
अंत में जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा बाबा साहेब के कलम वाली विचारधारा के साथ खड़ी है। पार्टी सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान की रक्षा के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में संघर्ष जारी रखेगी।



