किशनगंज : बिहार के किशनगंज जिले में कोचाधामन और बहादुरगंज के चार मौजों (सतभीट्टा, कन्हैयाबाड़ी, शकोर, नटवापाड़ा) में प्रस्तावित सैन्य स्टेशन के लिए 250 एकड़ जमीन अधिग्रहण का भारी विरोध हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह इलाका घनी आबादी वाला है, जहां सैकड़ों परिवार रहते हैं और ईदगाह, मस्जिद, कब्रिस्तान जैसे धार्मिक स्थल हैं – अधिग्रहण से लोग बेघर हो जाएंगे और आस्था को ठेस पहुंचेगी।
विरोध पटना से दिल्ली तक पहुंच गया है – लोकसभा में कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने वैकल्पिक जगह पर कैंप बनाने की मांग की, जबकि AIMIM के विधायक तौसीफ आलम और अकबरुद्दीन ओवैसी सक्रिय हैं, जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सरकार का उद्देश्य सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा मजबूत करना है, लेकिन ग्रामीण वैकल्पिक जमीन की तलाश की अपील कर रहे हैं। यह विवाद सिलिगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा से जुड़े बड़े रणनीतिक कदम का हिस्सा है, जहां भारत तीन नए फॉरवर्ड बेस बना रहा है। विरोध के बीच प्रशासन से न्यायपूर्ण समाधान की उम्मीद जगी है।



