पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: Purnia News रुपौली (पूर्णिया) में भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन के महान क्रांतिकारी और भाकपा-माले के संस्थापक महासचिव कामरेड चारु मजूमदार की 53वीं शहादत दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत झंडोत्तोलन से हुई, जिसे कां. अवधेश शर्मा ने संपन्न किया, वहीं कामरेड चतुरी पासवान के नेतृत्व में उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एक मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर पार्टी जिला सचिव कामरेड विजय कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि 28 जुलाई केवल शहादत दिवस ही नहीं, बल्कि भाकपा-माले के पुनर्गठन का दिन भी है, जब हमने 1970 के दशक की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच क्रांति की मशाल को फिर से थामा था। कामरेड विजय कुमार ने कहा कि आज के दौर में संविधान, लोकतंत्र, मताधिकार और नागरिकता जैसे मूलभूत अधिकारों पर संगठित हमला हो रहा है, खासकर बिहार में चल रही वोटबंदी प्रक्रिया लोकतंत्र के खिलाफ एक साज़िश बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि यह समय चुनावी धांधली और वोट के अधिकार को बचाने के लिए जन प्रतिरोध को खड़ा करने का है। कार्यक्रम में ऐपवा प्रभारी कामरेड सुलेखा देवी (तेलडीहा संथाली), कां. वासुदेव शर्मा (भौवा प्रवल), सीता देवी व सुरज कुमार (सिंहपुर दियरा) सहित कई स्थानों पर भी शहादत दिवस मनाया गया। अंत में कार्यकर्ताओं ने क्रांतिकारी मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और कहा कि अब समय संविधान व अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष का है।



