पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: Purnia News स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भाकपा-माले रुपौली इकाई ने “आजादी बचाओ, संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” के नारे के साथ तिरंगा संकल्प मार्च निकाला। खादी भंडार से शुरू हुआ यह मार्च रुपौली बाजार, ब्लॉक कार्यालय होते हुए थाना चौक पर एक जनसभा में तब्दील हो गया। मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले की राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड सुलेखा देवी कर रही थीं, उनके साथ कॉमरेड सीता देवी, कॉमरेड चतुरी पासवान, कॉमरेड संगीता देवी, कॉमरेड सृजन कुमार और कॉमरेड शांति देवी सहित जिला स्तर के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
सभा को संबोधित करते हुए माले नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान के नाम पर चुनाव आयोग, भाजपा के इशारे पर गरीबों, वंचितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश कर रहा है। नेताओं ने दावा किया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 65.5 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है और इसे “चुनावी डकैती” करार दिया।
भाकपा-माले नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह अभियान सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए गरीब जनता के वोट छीनने का संगठित प्रयास है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसकी सहयोगी जदयू, सामंती और सांप्रदायिक ताकतों की प्रतिनिधि पार्टियाँ हैं, जो लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही हैं। सभा में यह घोषणा की गई कि भाकपा-माले “चुनाव चोर – गद्दी छोड़” अभियान के तहत गांव-गांव जाकर जनता को जागरूक करेगी और इस जनविरोधी राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंकने का आह्वान करेगी। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा और बैनर लिए नारे लगाए—“मताधिकार की हत्या बंद करो”, “भाजपा की तानाशाही नहीं चलेगी”, “संविधान बचाओ – लोकतंत्र बचाओ”, और पूरे रास्ते जनजागरण का माहौल बनाए रखा।
सभा में कामरेड चतुरी पासवान सहित सैकड़ों माले कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनकी सहभागिता ने यह संदेश दिया कि आम जनता अब चुप नहीं बैठेगी और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। भाकपा-माले ने इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया और एक “नए, विकसित, समानतामूलक बिहार” के निर्माण के लिए जनता से जुड़ने का आह्वान किया।



