मनरेगा योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत जी राम जी” करने के खिलाफ माले और खेग्रामस ने निकाला प्रतिवाद मार्च

सहरसा, अजय कुमार : केंद्र सरकार के द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी करने के खिलाफ भाकपा माले और खेग्रामस के कार्यकर्त्ताओं ने सोमवार को बिस्कोमान भवन से आक्रोश मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए भाकपा माले जिला सचिव ललन यादव ने कहा कि एनडीए के नेतृत्व वाली मोदी सरकार मनरेगा को लंबे समय से खत्म करने की अभियान चला रखी थी। कम मजदूरी, देर से भुगतान, जॉब कार्ड निरस्त करना, काम देने में आना कानी आदि तिकड़मों के जरिये कानून के प्रति मजदूरों के आकर्षण को कमज़ोर किया। सरकार की मंशा थी कि संवैधानिक रोजगार गारंटी योजना को सदा सदा के लिए समाप्त कर दी जाय ताकि कॉर्पोरेटस कंपनियों को और सस्ता मजदूर मिल सके और उन्होंने कहा कि मनरेगा की ह्त्या करके वीबी जी राम जी कानून का झुंझुना थमा दिया गया। जिसमें रोजगार गारंटी की कोई बात नही है और कहा कि मोदी की सरकार का कार्यकाल सिर्फ योजनाओं और शहरों का नाम बदलने के लिए जाने जाएंगे।

खेग्रामस राष्ट्रीय पार्षद विक्की राम ने कहा कि मोदी सरकार मनरेगा को खत्म कर मजदूर विरोधी कार्य किया है और कहा कि अब योजना के कुल खर्च का 40 प्रतिशत राशि राज्य को देना होगा. बात तो 125दिन काम देने की हुई है लेकिन इसके लिए कोई कानूनी प्रावधानों या गारंटी की बात नही है। देश के 12करोड़ मनरेगा मजदूरों खासकर वंचितों और महिलाओं के रोजगार पर बड़ा हमला है प्रदर्शन में भाकपा माले के युवा नेता कुंदन यादव, माले नगर सचिव वकील कुमार यादव, सागर कुमार शर्मा, शंकर मुखिया, प्रमोद साह, कमलकिशोर यादव, रंधीर कुमार, ठाकुर वीणा देवी, हरिबल्लभ मुखिया, मनरिया देवी, छूतहरु सादा, रतन कुमार, संजय यादव, छोटकी देवी, अनिल राम सहित दर्जनों अन्य मौजूद रहे।

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