सहरसा, अजय कुमार: SAHARSA NEWS जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के सलखुआ प्रखंड के क्षेत्राधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कबीरा धाप में एक भी एमबीबीएस चिकित्सक नहीं रहने के कारण आम जनता को इलाज बात में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कोसी नदी के उस पार अवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्पताल खुलने से काफी खुशी की लहर दौड़ गई थी कि अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।लेकिन स्थिति वही बरकरार है जो की दो दशक पूर्व की स्थिति थी।
इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी एमबीबीएस चिकित्सक नहीं रहने के कारण क्षेत्र की जनता को घोर समस्या का सामना करना पर रहा है। लेकिन विभाग कुंभकरणी नींद में सोई हुई है। आयुष चिकित्सक द्वारा इलाज किया जाता है। प्रसव पीडा पीड़ित महिलाओं को विभिन्न प्रकार के जांच लैब नहीं रहने के कारण समस्या जस के तस बनी हुई है।
खासकर गर्भवती महिलाओं को विभिन्न जांच पड़ताल के लिए कोसी नदी पार कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलखुआ एवं अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर तथा जिला अस्पताल खगड़िया 25 किलोमीटर की दूरी तय कर जाना पड़ता है। समय पर एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं रहता है और तो और इस अस्पताल में स्वास्थ्य प्रबंधक भी नहीं रहते हैं जो वैकल्पिक व्यवस्था कर सके। कोसी नदी के कछार पर अवस्थित है। जनता महादलित संघ के महासचिव अशोक राम ने स्वास्थ्य मंत्री से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कबीराधाप में स्थायी रूप से स्वास्थ्य प्रबंधक एवं एमबीबीएस चिकित्सक को पदस्थापित करने की मांग की है।



