सहरसा, अजय कुमार: ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान सहरसा बिहार के संस्थापक एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया की धनतेरस का त्योहार इस बार बेहद शुभ संयोग लेकर आ रहा है। धनतेरस दिवाली से दो दिन पहले मनाई जाती है। इसे धनत्रयोदशी भी कहते हैं। धनतेरस पर देवताओं के वैद्य माने जाने वाले भगवान धनवंतरी की पूजा करते हैं एवं दीपावली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जायेगी।
समय और मुहूर्त:
मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर को दिन में 1 बजकर 32 मिनट से शुरू हो रही है। प्रदोष काल में त्रियोदशी तिथि होने के कारण धनतेरस इसी दिन मनाई जायेगी। शास्त्र के अनुसार धनतेरस की पूजा सदैब प्रदोष काल में ही की जाती है।
दीपोत्सव पंच पर्व विवरण :
1) 18 अक्टूबर = धनतेरस दिन में 01.32. दोपहर के बाद त्रियोदशी
2)19 अक्टूबर = यमदीपदानं, हनुमज्जन्मोत्सव, हनुमदध्वजादानं, छोटी दिवाली
3) 20 अक्टूबर = शुभ दीपावली, लक्ष्मी कुबेर पूजा,उल्का भ्रमण, काली पूजा
4) 22 अक्टूबर =गोवेर्धन पूजा,अन्नकूट
5) 23 अक्टूबर = भ्रातृद्वितीया, चित्रगुप्त पूजा



