अररिया, प्रिंस कुमार : अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने शुक्रवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। डीएम ने एक-एक कर 47 परिवादों की सुनवाई की और संबंधित विभाग के अधिकारियों को इनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटारा करने का कड़ा निर्देश दिया।
प्रमुख मामले: भूमि विवाद और बैंकिंग अनियमितता पर सख्त रुख जनता दरबार में मुख्य रूप से राजस्व, भूमि सुधार, शिक्षा और बैंकिंग से जुड़ी शिकायतें छाई रहीं। डीएम ने दो विशिष्ट मामलों पर तत्काल संज्ञान लिया:
अतिक्रमण का मामला: आवेदिका भुवनेश्वरी देवी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी लाल कार्ड वाली पैतृक जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) और अंचल अधिकारी को तुरंत मामले की जांच कर जमीन मुक्त कराने का निर्देश दिया।
बैंकिंग धोखाधड़ी की शिकायत: प्रदीप नायक नामक व्यक्ति ने बताया कि बैंक ने उनका ऋण स्वीकृत कर लिया है और हर महीने किस्त (EMI) भी काट रहा है, लेकिन ऋण की राशि उन्हें अब तक नहीं मिली है। इस पर डीएम ने एलडीएम (LDM) को मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा।
विभागों को जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश
सुनवाई के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों का निवारण प्रशासन की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
1. सभी प्राप्त परिवादों को जन शिकायत कोषांग में ससमय दर्ज किया जाए।
2. कार्रवाई की रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
3. आम जनता के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान खोजा जाए।
इन विभागों से आए सबसे अधिक आवेदन
आज के जनता दरबार में कुल 47 आवेदन प्राप्त हुए, जो मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों से संबंधित थे:
* राजस्व एवं भूमि सुधार
* शिक्षा और आपदा विभाग
* आरटीपीएस (RTPS) एवं गृह विभाग
* बैंकिंग (एलडीएम)
कार्यक्रम में शेख शकील, गोपाल कुमार साह, मंडल और शंकर कुमार सहित कई अन्य फरियादियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। मौके पर जिला स्तर के विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।




