प्रिंस कुमार, अररिया : बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए अररिया उत्पाद विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की और भारी मात्रा में अवैध शराब बनाने के सामान को नष्ट किया। इस कार्रवाई के दौरान कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद अधीक्षक निरंजन कुमार झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन कार्रवाइयों की जानकारी दी।
ड्रोन सर्विलांस से मिली बड़ी सफलता
उत्पाद विभाग की टीम ने फारबिसगंज थाना क्षेत्र के मानिकपुर और बेला पोठिया गांवों में अवैध शराब के अड्डों की पहचान के लिए विशेष रूप से ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया। ड्रोन सर्विलांस से मिली सटीक सूचना के आधार पर, टीम ने जंगल और खेतों में छिपाकर रखे गए अवैध शराब बनाने के सामान का पता लगाया। मौके पर, टीम ने 6,560 किलोग्राम जावा महुआ जब्त कर तुरंत नष्ट कर दिया, साथ ही 140 लीटर तैयार देसी शराब भी जब्त की गई। 15 आरोपी गिरफ्तार, 14 शराब पीने के आरोप में विभाग ने जिले के विभिन्न चेकपोस्टों और थाना क्षेत्रों में भी सघन जांच अभियान चलाया। गिरफ्तार किए गए 15 लोगों में से 14 लोगों को शराब पीने के आरोप में जोगबनी, फुलकाहा, तेगाछिया और बनकोरा जैसे चेकपोस्टों से पकड़ा गया है। 1 व्यक्ति धर्मेंद्र प्रसाद मंडल को जोकीहाट थाना क्षेत्र के बनकोरा गांव से 360 एमएल अंग्रेजी शराब के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आगे भी किया जाएगा। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।



