15 नवंबर को उनके पडोसी द्वारा उनके छोटे पुत्र को घर से बुलाकर गांव से लगभग चार किलोमीटर दूर लछमिनिया-अरजपुर बहियार में कर दी गई थी हत्या
पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: मोहनपुर थाना क्षेत्र के धोबिनिया गांव में बेटे की हत्या से आहत मां दुर्गा देवी के चित्कार से पूरा गांव आंसूओं में डूब गया है। इस संबंध में मां दुर्गा देवी ने अपने गांव सहित अन्य जगहों के लगभग एक दर्जन लोगों को पुत्र की हत्या कर देने का आरोपित करते हुए, नामजद किया है। पुलिस लगातार आरोपितों की गिरफतारी के लिए छानबीन कर रही है। मां दुर्गा देवी बस लगातार भगवान से प्रार्थना कर रही थीं कि वे इन्हें कभी भी ना बक्सें, इस पाप की सजा जरूर दें। उन्होंने पुलिस को दिये आवेदन में साजन कुमार, गुडु यादव पिता बुचो यादव, बिहारी यादव पिता मिथुन यादव, रितेश यादव पिता बिहारी यादव, गुडु यादव पिता काशी यादव, कटिहार जिला के घुसकी गांव का गुडु यादव, नाथपुर गांव का अमन यादव पिता अशोक यादव, इंग्लिश यादव, बीडियो यादव, हिडियो यादव पिता चंदेश्वरी यादव एवं निरंजन यादव पिता लडु यादव ने उसके पुत्र की हत्या की है। दुर्गा देवी बस चित्कार कर रही थी। यह बता दें कि 15 नवंबर की शाम नवीश कुमार पिता लालू यादव को उसके ही गांव के साजन कुमार बाइक पर बैठाकर लछमिनिया गांव में एक दुर्धटना को देखने की बात कहकर साथ लेकर गया था। देर शाम तक जब नवीश नहीं लौटा तब उसके पिता लालो यादव ने उसकी खोजबीन की, परंतु नहीं मिलने पर 17 नवंबर को थाना में पडोसी साजन कुमार पिता बुचो यादव के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
हत्यारे पेशेवर की तरह की थी हत्या-
निवेश की हत्या का मुख्य कारण प्रेम-प्रसंग बताया जा रहा है, निवेश का भाई भी आरोपितों की ओर से थाना में दर्ज पोक्सो एक्ट में जेल में है। हत्या में आरोपित पडोसी साजन बडी ही चतुराई से निवेश से अपनी नजदिकी बढाई तथा उसे अपने विश्वास में लिया तथा उसे हत्या की नियत से लेकर लछमिनिया की ओर चला गया था। पिता के सामने ही बाइक से लेकर गया, परंतु पिता को भी थोडी भी शंका नहीं हुई थी कि दुश्मन के साथ उसका पुत्र जा रहा है, जो उसकी आखिरी मुलाकात है। हत्या में आरोपित साजन कुमार पिता बूचो यादव को पुलिस द्वारा 17 नवंबर को ही पीडित पिता लालु यादव द्वारा आवेदन देने के बाद ही हिरासत में ले लिया गया था। साजन इतना शातिर था कि पुलिस को भी यह विश्वास दिलाने में लगभग सफल हो गया था कि मृतक निवेश उसके साथ जरूर गया था, परंतु उसने फिर उसके घर के पास छोड दिया था, परंतु पुलिस को कुछ अटपटा लग रहा था तथा वह कडाई से पूछताछ में जूटी थी। स्वयं एसडीपीओ संदीप कुमार गोल्डी बताते हैं कि एकबारगी लग गया था कि साजन निर्दोष है, परंतु फिर कुछ अटपटा लगा था। अंत में साजन पुलिस के आगे घुटने टेक दिया था। पुलिस के अनुसार साजन ने निवेश की हत्या का राज खोला तथा बताया कि उसने लछमिनिया-अरजपुर बहियार में शव को गाड दिया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस रात लगभग 12 बजे बहियार पहुंची तथा शव को खोजने में लगी। काफी प्रयास के बाद उसका शव मिला। शव लगभग चार फीट नीचे गडढा खोदकर दबाया गया था। शव के उपर लगभग दो फीट प्लास्टिक के बोरे से ढक दिया गया था, फिर उसपर से मिटी डाल दी गई थी। शव फूल गया था तथा उसके शरीर पर कई चाकू जैसे हथियार से वार के निशान थे। शव के पास मृतक का एक चप्पल मिला, दूसरा गायब था। काफी खोजबीन के बाद लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर उसके दूसरे पांव का चप्पल मिला। फिर कुदाल की खोज की गई, जो वहां से लगभग दो किलोमीटर दूर मिला। इसके बाद चाकू की खोज शुरू हुई, जो आरोपित के घर के ठाठ में छूपाया मिला। इस तरह से हत्यारे ने एक पेशेवर हत्यारे की तरह घटना को अंजाम दिया था।




