अररिया, प्रिंस कुमार : फारबिसगंज नगर परिषद के कनीय अभियंता (JE) मनोज प्रभाकर (43 वर्ष) का आकस्मिक निधन गुरुवार की देर शाम पटना में इलाज के दौरान हो गया। वे पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही फारबिसगंज नगर परिषद कार्यालय सहित पूरे शहर के प्रशासनिक गलियारों में शोक व्याप्त हो गया।
पटना में चल रहा था इलाज
मृतक कनीय अभियंता मूल रूप से निर्मली के निवासी थे। उनकी तबीयत खराब होने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहाँ गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। वे अपने पीछे पत्नी और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
नप कार्यालय में शोक सभा और संवेदनाएं
मनोज प्रभाकर के निधन पर फारबिसगंज नगर परिषद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्हें एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में याद किया गया।
शोक व्यक्त करने वाले प्रमुख व्यक्ति:
मुख्य पार्षद: वीणा देवी, उप मुख्य पार्षद: नूतन भारती, प्रशासनिक अधिकारी: कार्यपालक पदाधिकारी रणधीर लाल, प्रभारी प्रधान सहायक कुंदन सिंह, स्वच्छता प्रभारी वंदना भारती, इंजीनियरिंग टीम: जेई विकास कुमार, वरुण कुमार, स्थायी समिति सदस्य: मो. इस्लाम, मनोज सिंह, गणेश गुप्ता।
पार्षदों और समाजसेवियों ने जताया दुख
जेई के निधन पर वार्ड पार्षदों और स्थानीय समाजसेवियों ने भी अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। इनमें चांदनी सिंह, तन्नू प्रिया, शिल्पा भारती, अनुज सिंह, सुनील यादव, अशोक फुलसरिया, ईरशाद सिद्दिकी, मो. सलमान, संवेदक मनोज भगत और मो. अशफाक आलम उर्फ डॉन आदि शामिल हैं। सहकर्मियों ने कहा कि मनोज प्रभाकर का असमय जाना नगर परिषद के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके सरल स्वभाव और कार्य के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।



