SAHARSA NEWS,अजय कुमार : कहरा प्रखंड स्थित भगवती स्थान बनगांव में बुधवार को चौतिसवां विद्यापति पर्व समारोह पर शिव गुरु परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें भगवान शिव की शिष्यता एक आध्यात्मिक रहस्य पर शिव शिष्य भाई परमेश्वर ने कहा कि भगवान शिव की शिष्यता से मानव जीवन की सम्पूर्ण संकीर्णताए दुर हुई।उन्होंने कहा कि साहब श्री हरीन्द्रानन्द जी ने भगवान शिव को गुरु मानकर जो जनमानस को संवाद दिया उसमें पहला दया है जिससे भगवान शिव से दया की याचना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि दया की याचना ही मानव मन को भगवान शिव के प्रति शिष्य भाव मजबुत करता है और लोग यह समझने लगता है कि शिव की शिष्यता आध्यात्मिक यात्रा के लिए सरल मार्ग है।उन्होंने कहा कि गुरु के रुप में भगवान शिव को शिष्य भाव अर्पित करने से सांसारिक जीवन की कठिनाई दूर होगी।उन्होंने तीन सुत्र के रहस्य पर गुरु भाई एवं बहना को सम्बोधित करते कहा कि वैसे तो यह करना सहज,सरल है लेकिन यह कठिन भी है,
जिसने इसे क्या आज उन्हें देखकर लोग यह समझ जाते हैं कि ये शिव का शिष्य हैं और लोग शिव को गुरु मानकर 3 सुत्र करने लगते हैं।उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने कविवर विद्यापति की साधना पर प्रसन्न होकर उनके चाकरी करने उनके घर रहने लगे लेकिन विद्यापति ने जब भगवान शिव के रहस्य को जाना तब उन्होंने एहसास किया शिव द्वारा प्रदत शक्ति को।आध्यात्मिक रहस्य पर गुरु भाई डोमी राम,जटेश्वर राय ललन,शशि यादव,गुरु बहन किरण,आरती ने कहा कि भगवान शिव को गुरु मानने के वाद शिष्य एवं शिष्याओं के आचरण व्यवहार में परिवर्तन हुआ,देश भर में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला और बहनों की भागीदारी सुनिश्चित हुई।मौके पर समिति के अध्यक्ष राधा कान्त ठाकुर,उपाध्यक्ष विन्देश्वरी प्रसाद झा,सचिव ललित नारायण मिश्र,कार्यकारी अध्यक्ष विधान चन्द्र झा राधव,डा सिलेन्द्र कुमार,सदस्य रामचन्द्र चौधरी,मधुकांत चौधरी,ज्योतिष कान्त मिश्र,लक्ष्मण खां आदि उपस्थित थे।



