पूर्णिया, प्रफुल्ल सिंह: कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जयवर्द्धन सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि भारत के संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
कांग्रेस ने कहा कि यह वही देश है जहाँ डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हर व्यक्ति को समानता और सम्मान का अधिकार दिया। आज जब एक दलित अपनी योग्यता से देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी पर है, तब एक खास विचारधारा को यह स्वीकार नहीं हो रहा। पार्टी ने आरोप लगाया कि आरएसएस-भाजपा मानसिकता से प्रेरित लोगों ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ ज़हर फैलाया था, और वही नफरत इस हमले के रूप में सामने आई।
कांग्रेस ने कहा —
“यह जूता भारत की संवैधानिक अस्मिता पर फेंका गया है, बाबा साहेब के आदर्शों पर मारा गया है, और देश के दलितों के आत्मसम्मान पर मारा गया है।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश संविधान की रक्षा के लिए निर्भीक होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें — “समूचा भारतवर्ष उनके साथ खड़ा है।”
प्रवक्ता ने रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या को भी इसी मानसिकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि देश में दलितों, पिछड़ों, मुसलमानों और गरीबों को निशाना बनाया जा रहा है। आज इंसाफ की जगह डर ने ले ली है, और संविधान की जगह बुलडोज़र ने।
कांग्रेस का कहना है कि —
“संविधान पर हमला, दलितों पर अत्याचार और न्यायपालिका पर प्रहार — ये सब एक ही विचारधारा की देन हैं, जो भारत की आत्मा को कुचलना चाहती है। लेकिन भारत की जनता बाबा साहेब के संविधान की रक्षा के लिए एकजुट खड़ी है।”



