जीविका के 20 साल बेमिसाल, ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की बनी पहचान : लेशी सिंह

मधुबनी / अंग इंडिया : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती और जीविका के गौरवपूर्ण 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को मधुबनी स्थित चन्द्रा कॉम्प्लेक्स में “नीतीश संवाद : जीविका के 20 साल बेमिसाल” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार की भवन निर्माण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने शिरकत की। इस अवसर पर लेशी सिंह ने कहा कि जीविका ने पिछले दो दशकों में बिहार की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिला है, जिससे उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा और सामाजिक स्तर पर भी उनकी भूमिका मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि जीविका केवल महिलाओं को समूहों से जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के आर्थिक और सामाजिक जीवन में बदलाव का माध्यम बनी है। आज बड़ी संख्या में महिलाएं सामूहिक प्रयासों के जरिए अपनी आय बढ़ाने के साथ परिवार के निर्णयों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।लेशी सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के प्रणेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में किए गए प्रयासों ने राज्य की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

जीविका की 20 वर्षों की यात्रा इसी बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भरता का जो विचार दिया था, उसे ग्रामीण स्तर पर मजबूत करने में जीविका जैसी पहल की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना परिवार और समाज को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम है। मंत्री ने कहा कि जीविका के 20 वर्ष केवल एक संस्था की यात्रा नहीं, बल्कि बिहार की ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, सामूहिक शक्ति और आत्मनिर्भरता की कहानी है। आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और व्यापक बनाने की आवश्यकता है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें।