पूर्णिया/नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रह्लाद जोशी (केंद्रीय मंत्री, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण) के साथ राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने खरीफ विपणन मौसम 2025–26 के दौरान धान अधिप्राप्ति से जुड़ी जमीनी चुनौतियों, किसानों को आ रही प्रक्रियागत दिक्कतों और राज्यहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
बैठक में धान खरीद की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी, ताकि अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके; 36.85 लाख मीट्रिक टन के मौजूदा लक्ष्य की प्राप्ति के बाद इसे बढ़ाने पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया; राज्य खाद्य निगम (SFC) की 6350 करोड़ रुपये की लंबित राशि शीघ्र जारी करने पर भी सहमति बनी; साथ ही धान अधिप्राप्ति में FRK से उत्पन्न समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया गया।
बैठक में मंत्रालय के सचिव, संयुक्त सचिव, बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा SFC के प्रबंध निदेशक सहित केंद्र और राज्य के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। राज्य नेतृत्व ने केंद्र के प्रति आभार जताते हुए कहा कि नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में किसानों की उपज का उचित मूल्य और उनके हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



