सहरसा, अजय कुमार: अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच खगड़िया के द्वारा आयोजित चतुर्थ राष्ट्रीय महाधिवेशन मधुमिता विवाह भवन,पिपरा खगड़िया के प्रांगण में 151 साहित्यकारो को सम्मानित किया गया। जिसमें सहरसा से पधारे कृष्ण कुमार क्रांति, मृणाल मुकेश भारद्वाज एवं ललन कुमार को कोशी मंच गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। मंच के सहरसा प्रभारी कवि कृष्ण कुमार क्रांति का नाम प्रमुखता समेत रखा गया है। श्री कृष्ण की हिंदी-सेवा से सभी अभिज्ञ हैं कि कोरोना-काल में जब लोग अपने घरों की चाहरदीवारी के भीतर रहने के लिए बाध्य थे और मानसिक ऊबाव के दबाव से आकुल-व्याकुल थे। इन्होंने लोगों को लेखन गतिविधियों से जोड़कर रखा।
आनलाइन आयोजन कीं, गुमनाम रचनाकारों की रचनाओं को देश के विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशित करवाया। व्हाट्सएप समूह बनाकर कार्यशालाओं के माध्यम से छंद ज्ञान से अवगत कराया और काव्यांगन, वर्तिका एवं कृतिका साझा-काव्य – संग्रहों में देश के विभिन्न रचनाकारों की रचनाओं को संग्रहित करने का प्रयास किया। आज साहित्य साधक मंच के द्वारा तैयार किये गये रचनाकार देश-विदेश में नाम कर रहें हैं। इसमें श्री क्रांति जी का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। आज के अयोजन के मध्य में कृष्ण कुमार क्रांति को उनकी सेवा की महत्ता को महत्ता प्रदान करते हुए कोशी मंच गौरव सम्मान, पुष्पमाल, अंगवस्त्र, मोमेंटो तथा प्रशस्ति पत्र देकर कार्यक्रम में देवघर झारखंड से पधारे मुख्य अतिथि रविशंकर साह, कविता परवाना, रितू प्रज्ञा, मंच के संस्थापक शिव कुमार सुमन के द्वारा किया गया। यह साहित्यक मंच पिछले 4 वर्षों से विभिन्न मूर्धन्य साहित्यकारों की हिंदी-सेवा के कारण न सिर्फ राज्य अपितु देश के पटल पर चर्चित और लब्धप्रतिष्ठ रहा।
ज्ञात हो कि संगठन के द्वारा विगत 4 वर्षों में देश के 8 सौ से अधिक कलमकारों को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व के लिए सम्मानित कर चुकी हैं। आज के विशेष आयोजन के केंद्र में आमंत्रित कवियों के कविता-पाठ के साथ हिंदी की सेवा के लिए समर्पित कतिपय हस्ताक्षरों को सम्मानित करना शामिल था। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष-साधना भगत संचालक- कविता परवाना, बाबा बैद्यनाथ झा पूणियाँ, सचिदानंद साह किरण, भागलपुर,एस के प्रोग्रामर, भागलपुर, अमिताभ सिन्हा दरभंगा, आनंद भुषण श्रीवास्तव, विकास कुमार विधाता, सुमन रवि पोद्दार खगड़िया ने श्री क्रांति, ललन कुमार एवं मृणाल मुकेश भारद्वाज को शुभकामनाएं दी।



