पूर्णिया, विमल किशोर: अमौर प्रखंड में सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर भक्तों में गजब का उत्साह और आस्था का सैलाब देखने को मिला। पूरे प्रखंड क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने सुबह से ही स्नान कर शिवालयों की ओर रुख किया और पूरे मनोयोग से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। तीर्थेश्वर नाथ मंदिर (अमौर), जगदीश्वर नाथ मंदिर (बेलगच्छी), शिव मंदिर (तेलंगा दुलालगंज), शिव मंदिर (भवानीपुर), विष्णुपुर और रौती शिव मंदिर सहित प्रखंड के लगभग सभी शिवालयों में भक्तों की भीड़ सुबह से ही उमड़ पड़ी थी।
श्रद्धालुओं ने जल, बेलपत्र, दूध, दही, घी, शहद, चंदन, फूल, अक्षत और धूप-दीप से भगवान शिव की आराधना की। बेलगच्छी घाट स्थित पतित पावनी परमान नदी से श्रद्धालु कांवर में जल भरकर “बोल बम” के जयकारों के साथ तीर्थेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंचे और भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिरों को इस विशेष अवसर पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था। विशेष रूप से तीर्थेश्वर नाथ मंदिर, अमौर में शाम को बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए भक्त देर रात तक मंदिर परिसर में मौजूद रहे।

मंदिरों के आसपास सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि भक्त शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सकें। पंडित खर दूषण झा ने बताया कि सावन की अंतिम सोमवारी का विशेष महत्व होता है, और इस दिन जलाभिषेक करने से भक्तों को शिव कृपा प्राप्त होती है। बलुवाटोली, रौती, महेशबाथना, खारी, विष्णुपुर समेत अन्य गांवों में भी शिव मंदिरों में भक्ति का उल्लास चरम पर था।भोलेनाथ के जयकारों, मंत्रोच्चार और डमरू की गूंज के बीच सोमवारी का यह पावन दिन शिवभक्तों के लिए पूरी तरह भोले की भक्ति में लीन हो जाने वाला बन गया।



