ARARIA NEWS/प्रिंस(अन्ना राय)। अररिया के कुर्साकांटा की रहने वाली प्रज्ञा ठाकुर ने बिहार दिवस के मौके पर करीब 18 मीटर के कैनवास में बिहार का मानचित्र बनाकर उसमें मेहंदी से रंग उकेरा है. वही, प्रज्ञा ठाकुर का यह मानचित्र बिहार दिवस पर अररिया के हाई स्कूल में आयोजित समारोह में लगने वाले प्रदर्शनी में नजर आया . प्रज्ञा बिहार के मानचित्र पर बिहार के सभी जिले की पहचान के साथ उसके सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाया है और उसे मेहंदी से सजाया है. वही, प्रज्ञा ठाकुर ने बताया की बिहार दिवस के मौके पर मैंने पेंटिंग बनाया है. मेहंदी से बनाया है. इसे 15 जनवरी से बनाना शुरू किया था जो 21 मार्च को पूरा हुआ है. इस मैप में मैंने सबकुछ दर्शाया है ताकि बिहार के इतिहास को लोग जान सके. जिलेवाल मैंने सबकुछ दर्शाया है. बिहार की विरासत बहुत बड़ी है. लोग 10 प्रतिशत की बिहार को जानते हैं, लेकिन मैप देखते ही बहुत कुछ पता चल सकेगा. वही, प्रज्ञा ठाकुर ने बताया की करीब आठ किलो से अधिक की मेहंदी की खपत हुई है. इस कैनवास पर अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार,भागलपुर, सुपौल,सहरसा,मधेपुरा,मधुबनी, पश्चिम चंपारण, पटना, आरा, वैशाली, कैमूर, मुंगेर, बांका, हाजीपुर, खगड़िया,समस्तीपुर,नवादा,नालंदा समेत बिहार के सभी जिले की पहचान और ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाया है. वही, प्रज्ञा ठाकुर ने बताया की बिहार के इस मानचित्र में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारत के प्रथम राष्ट्रपति स्व डाॅ राजेन्द्र प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री स्व भोला पासवान शास्त्री, पद्म विभूषण स्व रामविलास पासवान, आंचलिक साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु समेत अन्य कई महान हस्तियों को दर्शाया है.
ARARIA NEWS/अररिया की प्रज्ञा ठाकुर ने बिहार दिवस के मौके पर मेहंदी से बनाया 18 मीटर लंबा बिहार का मानचित्र, सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाया

अंग इंडिया न्यूज़ एक समर्पित डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है जो भारत की सांस्कृतिक गहराइयों, सामाजिक मुद्दों और जन-आवाज को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य है—हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर भाषा को प्रतिनिधित्व देना, ताकि खबरें सिर्फ सूचनाएं न रहें, बल्कि बदलाव की प्रेरणा बनें।हम न सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को कवर करते हैं, बल्कि उन कहानियों को भी उजागर करते हैं जो आमतौर पर मुख्यधारा से दूर रह जाती हैं। अंग इंडिया न्यूज़ का हर लेख, हर रिपोर्ट और हर विश्लेषण एक सोच के साथ लिखा जाता है—"जनता की नज़र से, जनता के लिए।"
- Advertisement -
आपके लिए ख़ास ख़बर
नयी खबरें
- Advertisement -


