पूर्णिया: आज पूर्णिया स्थित वन भाग के भाजपा कार्यालय में एक विशेष प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं संगठन के शिल्पकार राजेन्द्र गुप्ता ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारत के लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए कांग्रेस और विशेष रूप से इंदिरा गांधी की तीखी आलोचना की।
राजेन्द्र गुप्ता ने कहा, “25 जून 1975 की रात को देश की आत्मा को कैद कर लिया गया था। इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए देश को जेल में तब्दील कर दिया। 290 से अधिक अखबारों को बंद कर दिया गया, देशभर में बिजली काट दी गई ताकि सच्चाई बाहर न आ सके, और पत्रकारों को प्रताड़ित कर जेलों में डाल दिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ पत्रकार ही नहीं, आम नागरिक भी डर और दमन के साये में जीने को मजबूर हुए। लाखों लोगों को बिना कारण जेलों में ठूंस दिया गया। देशवासियों को गुलाम बना दिया गया। अभिव्यक्ति की आज़ादी पूरी तरह से छीन ली गई।”
गुप्ता ने इमरजेंसी के दौरान जबरन कराई गई नसबंदी अभियान की भी निंदा की और बताया कि उस दौर में करीब 1 करोड़ लोगों की जबरन नसबंदी की गई। “यह जनसंख्या नियंत्रण नहीं, एक राजनीतिक तानाशाही का विकृत रूप था,” उन्होंने कहा। इस प्रेस वार्ता के माध्यम से भाजपा ने युवाओं से अपील की कि वे इस काले अध्याय को न भूलें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सतर्क रहें। पार्टी ने 25 जून को “काला दिवस” के रूप में मनाने का आह्वान भी किया।



