पूर्णिया: जनसुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने मंगलवार को पूर्णिया स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कई बड़े राजनीतिक दावे करते हुए बिहार की मौजूदा सरकार और व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में जनसुराज की सरकार बनती है तो सत्ता संभालने के महज पांच मिनट के भीतर शराबबंदी कानून को खत्म कर दिया जाएगा, क्योंकि आज की स्थिति में यह कानून सिर्फ कागजों में रह गया है। शहरों से लेकर गांवों तक लोग खुलेआम शराब का सेवन कर रहे हैं, और इसकी आड़ में भ्रष्टाचार और तस्करी को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने कहा कि जनसुराज पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, और प्रत्याशियों का चयन पूरी तरह से स्थानीय पहचान, राजनीतिक अनुभव और सामाजिक जुड़ाव को ध्यान में रखकर किया जाएगा। फिलहाल पार्टी की टीम राज्य के 10 जिलों में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन कर रही है और विधानसभा स्तर पर फीडबैक लिया जा रहा है।
सीमांचल की बदहाली पर बोलते हुए उदय सिंह ने कहा कि यह क्षेत्र आज भी गरीबी और बड़े पैमाने पर पलायन से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव में नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद वही वादे भूल जाते हैं, जबकि जनसुराज ने पिछले तीन वर्षों से लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर जनता से सीधा संवाद किया है। आज बिहार की जनता को एक नया विकल्प मिला है, जो जाति और धर्म से ऊपर उठकर राज्य के भविष्य की बात करता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों की हालत यह है कि डॉक्टर खुद मरीजों को प्राइवेट अस्पताल जाने की सलाह देते हैं, और लोगों को आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की भी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को पूर्णिया आएंगे, जहां वे हवाई सेवा का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दिन पूर्णिया के लिए ऐतिहासिक होगा, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि रेल सुविधाओं के मामले में अब भी पूर्णिया पीछे छूट गया है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बताया कि पूर्णिया प्रवास का मुख्य उद्देश्य आसपास के जिलों में संगठनात्मक मजबूती और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करना है। पूर्व डीएम अरविंद सिंह, जो पार्टी के कोषाध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि जनसुराज राजनीति के लिए नहीं, बल्कि नीति और विकास के लिए काम कर रही पार्टी है। पूर्व आईपीएस अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने सीमांचल के बड़े पैमाने पर हो रहे मजदूर पलायन पर चिंता जताई और इसे सरकार की विफलता बताया।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा की तारीफ करते हुए उदय सिंह ने कहा कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसे गंभीरता से उठाना जरूरी है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में खुद के हारने का हवाला देते हुए कहा कि कई मृत लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जीवित पाए गए, जो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
जनसुराज की यह प्रेस वार्ता स्पष्ट संकेत देती है कि पार्टी बिहार की सियासत में अपनी जगह बनाने को तैयार है — न सिर्फ मुद्दों को उठाकर, बल्कि ठोस रणनीति और जनता के बीच सक्रियता के दम पर।



