PURNIA NEWS : पूर्णिया किलकारी में 22 से 27 जुलाई तक आयोजित हुई छः दिवसीय ‘सृजनात्मक लेखन कार्यशाला’ में बच्चों ने लेखन की विविध विधाओं—कविता, कहानी, डायरी, अख़बार लेखन आदि—के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को शब्दों में ढालना सीखा। कार्यशाला का संचालन पटना किलकारी से आए लेखन प्रशिक्षक सम्राट समीर ने किया, जिन्होंने बच्चों को रचनात्मक सोच, संवेदना और लेखकीय दृष्टिकोण से परिचित कराया। पहले दिन सृजनशीलता पर संवाद के साथ शुरुआत हुई, जहाँ बच्चों ने सोचने और देखने की प्रक्रिया के महत्व को समझा, वहीं कविता लेखन के अभ्यास में गीत, तुकांत और सामूहिक कविताओं के ज़रिए रचनात्मक अभ्यास किया।
दूसरे दिन कविता के तत्वों और प्रसिद्ध रचनाकारों की कविताओं पर चर्चा हुई, जबकि तीसरे व चौथे दिन कहानी लेखन की बारीकियाँ—पात्र निर्माण, संवाद, कथावस्तु और दृश्य संरचना—पर व्यावहारिक गतिविधियाँ करवाई गईं, जिसमें बच्चों ने शब्दों से कहानी बुनने के रोमांच का अनुभव किया। पाँचवें और छठे दिन हस्तलिखित अख़बार निर्माण की प्रक्रिया पर बच्चों ने काम किया और विभिन्न कॉलम जैसे ‘बूझो-बुझौवल’, ‘हँसो-हँसाओ’ और ‘किलकारी झरोखा’ जैसे शीर्षकों के साथ अपनी रचनाएँ अख़बार में प्रस्तुत कीं। बाल-दृष्टि से बनाए गए इस अखबार ने कार्यशाला में सीखे गए कौशलों को रचनात्मक रूप में प्रदर्शित किया। अंतिम दिन बच्चों की रचनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई और प्रशिक्षक सम्राट समीर को विदाई दी गई। कार्यक्रम का संयोजन प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक त्रिदीप शील द्वारा किया गया।




