PURNIA NEWS,वि० सं०: बुधवार को जाने-माने वयोवृद्ध अधिवक्ता चन्द्रानन प्रसाद को दी गई भाव-भीनी श्रद्धांजलि। उनका निधन लगभग 96 वर्ष की अवस्था में मंगलवार की रात लगभग 11.15 बजे हो गया। बुधवार को जिला अधिवक्ता संघ के तमाम अधिवक्ताओं ने स्व० चन्द्रानन प्रसाद के सम्मान में शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए अपने-आप को न्यायिक कार्यों से अलग रखा। संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में दिन के 01:30 बजे संघ के प्रशाल में एक शोक-सभा का आयोजन कर स्व० चन्द्रानन प्रसाद के आत्मा की शांति हेतु श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इस मौके पर संघ के सचिव सुमन जी प्रकाश एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता गण उपस्थित थे। वरीय अधिवक्ता बिभाकर प्रसाद सिंह उनके साथ बिताए गए क्षण को याद करते हुए भाव विभोर हो गए। संघ के युवा अध्यक्ष संजय कुमार डाबर ने अपनी बात रखते हुए विस्तार से उनकी विभिन्न रचनाओं से उपस्थित अधिवक्ताओं को अवगत कराया।
अध्यक्ष महोदय ने जानकारी देते हुए कहा कि वैसे तो चंद्रानन प्रसाद 1955 से ही विधि व्यवसाय में आ गए थे, परंतु अधिवक्ता के रूप में उन्होंने 1963 में संघ की सदस्यता ली थी। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के साथ-साथ कई भाषा के जानकार थे। उन्होंने कवि और साहित्यकार के रूप में भी ख्याति प्राप्त की। साथ ही सिविल और क्रिमिनल दोनों ही मामलों के विद्वान अधिवक्ता भी थे। वे काफी मृदु भाषी व मिलनसार और नेक दिल इंसान थे। राजनीतिक के क्षेत्र में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। अपने पीछे वे एक पुत्री और सात पुत्र छोड़ गए हैं।
सभी शादीशुदा हैं और सुखी संपन्न जिंदगी व्यक्तित्व कर रहे हैं। उनके एक पुत्र लाला जय किशोर प्रसाद सेवानिवृत बैंक मैनेजर, एक पुत्र लाला कौशल किशोर सचिवालय से सेवानिवृत, तीन पुत्र: पद्म सौरभ पराग, मिलिंद किशोर प्रसाद एवं लाला मनोज किशोर अपने ही संघ के जाने-माने अधिवक्ता है। एक पुत्र अनिल किशोर प्रसाद सेवानिवृत शिक्षक और एक पुत्र सुशील किशोर प्रसाद पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। उधर संध्या 4.00 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायिक कक्ष में भी एक संयुक्त शोक-सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता गण शामिल हुए तथा 2 मिनट का मौन रखकर अधिवक्ता स्व० चन्द्रानन प्रसाद के आत्मा की शांति हेतु श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।



