PURNIA NEWS, अभय कुमार सिंह : रूपौली प्रखंड में बाढ़ का कहर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। एक ओर जहां प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचेन शुरू कर राहत पहुंचानी शुरू कर दी है, वहीं गुरुवार से पानी का स्तर घटने लगा है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। फिलहाल प्रखंड के पांच पंचायतों में 13 जगहों पर सामुदायिक किचेन चल रहे हैं। इनमें कोयली सिमड़ा पश्चिम में 1, भौवा प्रबल में 4, कोयली सिमड़ा पूरब में 3, विजय मोहनपुर में 4 और विजय लालगंज पंचायत में 1 स्थान पर किचेन संचालित है। अन्य प्रभावित इलाकों में भी किचेन शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि कोसी मईया अब विकराल रूप समेट रही हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। सावन खत्म हुआ है, लेकिन भादो बाकी है। स्थानीय कहावत भी यही कहती है कि “सावन से भादो कमजोर नहीं होता”।
मौके पर बाढ़ पीड़ित सिंटू सिंह ने बताया कि सुबह उन्होंने देखा कि पानी का स्तर लगभग दो इंच कम हो गया है, जिससे उम्मीद जगी है। लेकिन कोसी की बाढ़ के मिजाज को कोई आजतक नहीं समझ पाया, यही सोचकर मन में फिर दहशत घर कर जाती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि निचले इलाकों से विस्थापित लोगों के बीच सामुदायिक किचेन लगातार चलते रहें, ताकि गरीब परिवारों को भोजन की दिक्कत न हो।




