PURNIA NEWS,किशन भारद्वाज : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय, पूर्णियाँ में स्नातक सत्र 2025–29 के लिए नामांकन प्रक्रिया निरंतर जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस बार अभूतपूर्व संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रारंभिक चरण में कुल 59,190 आवेदन आए, जबकि तृतीय मेधा सूची जारी होने से पूर्व 4,708 अतिरिक्त आवेदन प्राप्त हुए। इस प्रकार कुल 63,898 आवेदन विश्वविद्यालय को प्राप्त हुए। इनमें से कला संकाय में 52,992, विज्ञान संकाय में 9,573 तथा वाणिज्य संकाय में 1,333 आवेदन दर्ज किए गए।
अब तक हुआ 28,997 विद्यार्थियों का नामांकन
अब तक जारी की गई दो मेधा सूचियों के आधार पर कुल 28,997 छात्र-छात्राओं का नामांकन किया गया है। इनमें कला संकाय में 22,843, विज्ञान संकाय में 5,178 तथा वाणिज्य संकाय में 976 छात्र-छात्राएँ शामिल हैं। इस बीच विद्यार्थियों के अनुरोध पर 61 नामांकन निरस्त (Cancelled) किए गए।
तृतीय मेधा सूची में 11,347 आवेदक चयनित
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को तृतीय मेधा सूची (3rd Merit List) जारी की है। इस सूची में कुल 11,347 आवेदकों का चयन किया गया है। इनमें कला संकाय से 9,134, विज्ञान संकाय से 1,857 तथा वाणिज्य संकाय से 356 छात्र-छात्राएँ सम्मिलित हैं। चयनित अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु ऑफ़र लेटर जारी किए गए हैं।
कट-ऑफ से कम अंक वालों का नामांकन नहीं
विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पहली और दूसरी मेधा सूची में अब तक एक भी ऐसा दावा प्रस्तुत नहीं हो सका, जिसमें कट-ऑफ अंक से कम प्राप्त करने वाले किसी भी विद्यार्थी का नामांकन हुआ हो। इससे विश्वविद्यालय की नामांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता का प्रमाण मिलता है।
दस्तावेज़ सत्यापन में मिली गड़बड़ी, 5000 से अधिक नामांकन रद्द
नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी महाविद्यालयों में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में नामांकन एवं शैक्षणिक आलेख सत्यापन प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इन प्रकोष्ठों ने आवेदकों के द्वारा अपलोड किए गए शैक्षणिक अंक पत्र, जाति प्रमाणपत्र एवं अन्य दस्तावेजों का मिलान किया। सत्यापन के क्रम में अब तक लगभग 5000 से अधिक विद्यार्थियों के नामांकन महाविद्यालयों द्वारा अस्वीकार किए जा चुके हैं।
कुलपति ने दी विद्यार्थियों को राहत
माननीय कुलपति ने इस मामले में उदारता दिखाते हुए उन सभी छात्रों को पुनः अवसर प्रदान किया है, जिनके आवेदन में त्रुटि पाई गई थी। ऐसे अभ्यर्थियों को तृतीय मेधा सूची की नामांकन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी गई है। इतना ही नहीं, जो विद्यार्थी किसी कारणवश पूर्व में आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें भी पुनः आवेदन का मौका देकर विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के हित में अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।
विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता
पूर्णियाँ विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि पूरी नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करते हुए निष्पक्षता, जवाबदेही और सटीकता के साथ नामांकन कार्य को सम्पन्न करने के लिए संकल्पित है।



