PURNIA NEWS,अभय कुमार सिंह : बाबा जय सिंह शूरमा मेला का उदघाटन, उनकी जिंदगी का अहम क्षण है, वे अपने-आप को इसको लेकर शौभाग्यषाली मानते हैं । उक्त बातें डुमरी गांव में आयोजित नौका-दौड प्रतियोगिता एवं जय सिंह शूरमा मेला तथा कर्मा-धर्मा पूजा के अवसर पर सास्कृतिक कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए रूपौली विधायक शंकर सिंह एवं बरारी विधायक विजय सिंह ने संयुक्त रूप से कही । यह बता दें कि प्रखंड के डुमरी गांव में दो स्थानों पर प्रत्येक वर्ष बाबा जय सिंह शूरमा के जन्मदिन के उपलक्ष्य में दो दिवसीय नाव दौड प्रतियोगिता एवं उनके नाम पर मेला का आयोजन होता है । इसमें कर्मा-धर्मा पूजा के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होता है । इस नाव-दौड प्रतियोगिता में कई जिलों से नाविक भाग लेने आते हैं । इस प्रतियोगिता में शामिल प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पानेवाले नाविकों को पुरस्कृत किया जाता है । इसबार की नाव दौड प्रतियोगिता में दर्जनों नाविक अपनी-अपनी नाव को लेकर पहुंचे थे ।
भीषण बाढ के बीच पूरा इलाका समुंदर सदृश्य हो गया है । यह नाव-दौड डुमरी कारी कोसी से शुरू हुई तथा कटिहार जिला के कुरसेला पुल बिहार की शोक कही जानेवाली कोसी नदी तक जाकर, पुनः वापस डुमरी आयोजन स्थल तक पहुंची । रोमांचित करनेवाले इस दृश्य को देखने के लिए हजारो की भीड पहुंची थी । एक-एक नाव पर दर्जनों नाविक दोनों ओर से अपने हाथों में पतवार लिये, नाव को आगे बढाने के लिए जी-जान से जूटे थे । इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शोभाकंात मंडल की टीम, द्वितीय स्थान परमानंद मंडल एवं तीसरा स्थान प्रमोद मंडल की टीम ने अपना परचम लहराया । दूसरे राउंड में अखिलेश मंडल, तीरो सहनी आदि ने भी अपना परचम लहराया । इसके बाद आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा विजेता टीमों को पुरस्कार एवं सम्मान देकर उन्हें पुरस्कृत किया ।
जिसमें गांव के दो फौजी धर्मेंद्र कुमार अपने भाई के साथ, गांव के चंदन कुमार शर्मा एवं सोनु कुमार द्वारा अपने निजी कोष से सभी नाविकों को अंग-वस्त्र एवं मिठाई आदि देकर पुरस्कृत किया गया । इस अवसर पर विधायक के साथ स्थानीय जिप सदस्य प्रतिमा सिंह भी मौजूद थीं । इस आयोजन को सफल बनाने में मेला कमिटी के अध्यक्ष परमानंद ठाकुर, उपाध्यक्ष संजय कुमार समदर्शी, सचिव सिकंदर सिंह, पैक्स अध्यक्ष कैलाश भारती, अरूण कुमार, संचालक विनोद कुमार यादव, उजागर सिंह, वासुकीनाथ सिंह, कैलाश मंडल, ईश्वर सिंह, एतवारी सहनी, पांडु कुमार सहित ग्रामीणों की अहम भूमिका रही ।



