PURNIA NEWS, विधि संवाददाता : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली के कार्यक्रमानुसार एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णिया द्वारा दिनांक 13 सितम्बर 2025 को इस वर्ष का तीसरा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय लोक अदालत व्यवहार न्यायालय पूर्णिया के साथ-साथ अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, बनमनखी, धमदाहा एवं बायसी में भी आयोजित की जाएगी। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित नोटिस को ससमय तामिला कराने एवं अन्य दिशा-निर्देश हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार कन्हैया जी चौधरी के निर्देशानुसार आज दिनांक शुक्रवार को अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार की अध्यक्षता में सभी थानाध्यक्षों के साथ आवश्यक बैठक की गयी। जिसमें सहायक खांजची से पुलिस पदाधिकारी पुरुषोत्तम कुमार, मरंगा से विष्णुकान्त, मुफस्सिल से सुदीन राम, जलालगढ़ से शिवम कुमार, श्रीनगर से बुधन मुखिया, चम्पानगर से सुश्री अनुपम राज, बनमनखी से संजय कुमार-1, सरसी से अनिल कुमार सिंह, जानकी नगर से पवन पासवान, धमदाहा से सरोज कुमार, भवानीपुर से संतलाल उरॉव, रूपौली से मुकेश कुमार, टीकापट्टी से प्रियमत कुमार, मीरगंज से रौशन कुमार सिंह, बी० कोठी से संजय कुमार, रघुवंशनगर से शिशु कुमार, मोहनपुर से मदन कुमार मिश्रा, अकबरपुर से अनुज कुमार राज, डगरूआ से दीपक कुमार गौतम, बायसी से उत्तम कुमार अमौर से अवधेश कुमार, रौटा से कुमार गौतम, अनगढ़ से विकास कुमार एवं अभियोजन कार्यालय से पु०नि० देवेन्द्र कुमार उपस्थित हुए।
बैठक में उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारीयों को निर्देश दिया गया कि प्राप्त नोटिस को प्री-लोक अदालत बैठक की तिथि से पूर्व तामिला करावें। तामिला प्रतिवेदन यथाशीघ्र जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूर्णिया के कार्यालय में प्राप्त कराने हेतु निर्देशित करें। शमनीय मामलो में पक्षकारों को स्थानीय स्तर पर समझौता के लिए लोक अदालत में वाद निपटारा के लिए प्रेरित करें। राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक मामले, एन०आई० एक्ट के मामले, बैंक ऋण वसूली संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना बीमा दावा वाद के मामले, श्रम विवाद, बिजली एवं पानी बिल, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर) भू-अधिग्रहण के मामले, वेतन एवं पेंशन संबंधित मामले, उपभोक्ता से संबंधित मामले, राजस्व से संबंधित मामले एवं अन्य दीवानी वादों का सुलह समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।



