PURNIA NEWS,अभय कुमार सिंह : प्रखंड में आयी बाढ़ में पीड़ित एक भी परिवार छूटने नहीं चाहिए, वे काफी दुखद परिस्थिति के बीच जी रहे हैं । उक्त बातें विधायक शंकर सिंह ने मुख्यालय स्थित फैसलिटी भवन में बाढ राहत को लेकर आयोजित अनुश्रवण समिति की बैठक में बोल रहे थे । इस बैठक की अध्यक्षता प्रमुख प्रतिमा कुमारी ने किया, जबकि संचालन बीस सूत्री के प्रखंड अध्यक्ष मयंक कुमार ने किया । यह बता दें कि पिछली बार हुई बैठक में विधायक शंकर सिंह को कतिपय कारण से सीओ द्वारा सूचना नहीं दिये जाने को लेकर विधायक ने डीएम से इसकी शिकायत की थी । कुछ इसी को लेकर सीओ द्वारा पुनः बैठक बुलायी थी । बैठक में सीओ द्वारा पूर्व की गलती के लिए सदन में विधायक से माफी मांगी । मौके पर विधायक ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में एक भी बाढ पीडित बाढ राहत से वंचित नहीं रहना चाहिए । ऐसा नहीं हो कि पिछले साल की तरह मनमाने तरीके से अपने चहेते को बाढ राहत दे दिया जाए तथा पीडितों को छोड दिया जाए । आज प्रखंड के चार पंचायतों को पूर्ण तथा 7 को आंशिक प्रभावित किया गया है । जबकि सच्चाई है कि सभी पंचायतें पूर्ण बाढ प्रभावित हैं । पशासन चूल्हा देखता है, जबकि प्रशासन को पता है कि अब लोग प्रायः गैस चूल्हा पर खाना बना रहे हैं, फिर कहां से चुल्हा नजर आएगा ।
उन्होंने कहा कि जनता भगवान की सेवा तभी संभव है, जब अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि आपस में सामंजस्य बनाकर चलें । इनके बीच किसी तरह का मतभेद नहीं रहना चाहिए । उनके सामंजस्य से ही समुचित विकास संभव है । उन्होंने कहा कि सीओ के पास कई वर्ष पहले की सर्वे रिपोर्ट है, जिसके आधार पर वह बाढ राहत देना चाहती हैं, जबकि पिछले 9 सालों में कई परिवारों का विघटन हुआ तथा अनेक नये परिवार बने । इस परिस्थिति में वर्त्तमान में जनप्रतिनिधियों द्वारा बाढ पीडितांे की दी गई सूची ही सही है । इनमें से अगर कोई गलत नाम है, तो सीओ उसकी जांच करवा सकती हैं । उन्हांेने कहा कि प्रखंड में बाढ से निदान के लिए उनके द्वारा केंद्र सरकार को यहां पर रिंग बांध बनवाने की दिषा में रिपोर्ट भिजावा दी गई है । इस दौरान सभी बाढ प्रभावित क्षेत्र के मुखिया ने अपने-अपने क्षेत्र के बाढ पीडितों की सूची सौंपी । सूची में प्रायः देखा गया कि पशासन ने जो सूची बनायी है, उससे लगभग एक चौथाई संख्या ज्यादा जनप्रतिनिधियों द्वारा दी गई सूची में है । इधर सीओ शिवानी सुरभि ने बताया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा जो सूची दी गई है, उसकी जांच कराकर उपर रिपोर्ट भेज दी जाएगी । प्रयास रहेगा कि एकभी बाढ पीडित राहत से छूटे नहीं ।




