PURNIA NEWS : पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने बिहार की सांस्कृतिक पहचान और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े तिलकुट और मखाना पर लगे जीएसटी को समाप्त करने या न्यूनतम दर तक सीमित करने की मांग उठाई है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर तर्क दिया कि इन उत्पादों पर टैक्स उपभोक्ताओं और किसानों दोनों पर बोझ है तथा छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर डालता है। सांसद ने कहा कि तिलकुट केवल मिठाई नहीं, बल्कि पर्व-त्योहारों पर आस्था और परंपरा से जुड़ा प्रसाद है, जिस पर टैक्स लगाना सांस्कृतिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
वहीं मखाना, जो कोशी-सीमांचल क्षेत्र की वैश्विक पहचान है और बिहार को दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक व निर्यातक बनाता है, उस पर 5% जीएसटी किसानों की कमर तोड़ रहा है। पप्पू यादव ने इसे अन्याय करार देते हुए कहा कि जब पापड़ और फाफड़ा जैसे उत्पाद टैक्समुक्त हो सकते हैं तो तिलकुट और मखाना को यह सम्मान क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि टैक्स हटने से किसानों, ग्रामीण महिलाओं और छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियान मजबूत होंगे तथा बिहार की अस्मिता और परंपरा को भी सम्मान मिलेगा।



