पूर्णिया, विमल किशोर: Purnia News अमौर-बायसी एसएच-99 मुख्य सड़क पर शुक्रवार की सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना के कारण घंटों लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों और यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यह घटना राजघाट पुल के समीप उस जगह पर हुई, जहां सड़क निर्माण का कार्य अधूरा और लापरवाहीपूर्ण ढंग से किया जा रहा है। बरबट्टा गांव के रहने वाले किसान मो. मुनव्वर अपने खेत की मक्का की फसल ट्रैक्टर में भरकर गुलाबबाग मंडी बेचने जा रहे थे, तभी जैसे ही वह राजघाट पुल पार कर आगे बढ़े, ट्रैक्टर सड़क में मिट्टी से भरे असमतल हिस्से पर असंतुलित हो गया और पलट गया। पलटने के साथ ही ट्रैक्टर पर लदी सारी मक्का की फसल सड़क पर बिखर गई, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इस हादसे के कारण मुख्य मार्ग पर दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सड़क पर घंटों जाम लगा रहा। सैकड़ों गाड़ियां, सरकारी बसें और निजी वाहन इस जाम में फंसे रहे, जिससे यात्री, छात्र, कर्मचारी और आम लोग बेहद परेशान दिखे। सरकारी बस के एक कंडक्टर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यह स्थान हर दिन जाम का कारण बनता है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। वहीं यात्रियों मो. अख्तर, मतिबुल, शोएब, अंसार, इकबाल आदि ने बताया कि संवेदक द्वारा सड़क निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, न समतलीकरण किया गया और न ही जल निकासी की व्यवस्था है, जिससे थोड़ी सी बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाता है और अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या को गंभीरता से उठाया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य शमीम अख्तर और जिला परिषद प्रतिनिधि अफरोज आलम ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए और वैकल्पिक डायवर्शन मार्ग की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। क्षेत्र के लोग सड़क की खराब स्थिति से परेशान हैं और बार-बार हो रही दुर्घटनाओं से आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और निगरानी होती, तो ऐसे हादसे नहीं होते और किसान तथा यात्रियों को इस तरह की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता।



