PURNIA NEWS ; सरस्वती विद्या मंदिर राजहाट, बनमनखी के तत्वावधान में संचालित सरस्वती संस्कार शिक्षा केंद्र, जिवछपुर का उद्घाटन रविवार को विधिवत रूप से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित एवं पुष्पांजलि अर्पित कर मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष की गई। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी जीवन में उतना ही आवश्यक है। ऐसे केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उद्घाटन समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरेन्द्र जी, अध्यक्ष गणेश मंडल जी, कोषाध्यक्ष तुलसी दास जी, संस्कार केन्द्र के आचार्य संजीव कुमार साह जी, जिला समरसता प्रमुख श्यामदेव जी एवं नगर कार्यवाह नीरज जी विशेष रूप से उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से सरस्वती संस्कार शिक्षा केंद्र के संचालन की सराहना की और समाज में शिक्षा के साथ संस्कार की परंपरा को बनाए रखने पर जोर दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा से ही बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। केवल डिग्री प्राप्त करना ही शिक्षा का लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि राष्ट्र व समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी उनमें जागृत होना चाहिए। इस दिशा में सरस्वती संस्कार शिक्षा केंद्र का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों ने मिलकर संकल्प लिया कि शिक्षा और संस्कार को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल आने वाले दिनों में बड़ी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।



