PURNIA NEWS : बदलते मौसम और लगातार बारिश के कारण जिले के बायसी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं। इस चुनौती को देखते हुए जिलाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देशानुसार जिला और प्रखंड स्वास्थ्य पदाधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं उपचार अभियान चलाया जा रहा है। हरिजतोड़ पंचायत समेत नदी तटवर्ती इलाकों में घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है, साथ ही संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दी जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बायसी की ओर से शुरू किया गया यह अभियान 26 जुलाई से 4 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा। सोमवार को जिला क्वालिटी एवं गुणवत्ता आश्वासन मानक पदाधिकारी (डीसीक्यूओ) डॉ. अनिल कुमार शर्मा और यूनिसेफ प्रतिनिधि डॉ. तान्या ने शिविर का निरीक्षण किया और उपस्थित लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने शिविर में मौजूद चिकित्सकों और लाभार्थियों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधा की गुणवत्ता सुनिश्चित की।
सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि इस अभियान के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी घरों में जिंक की गोली, ओआरएस, और हेलोजन टैबलेट वितरित की जा रही हैं। लोगों को इन दवाओं के सही उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है। 30 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों की गैर संचारी रोग (NCD) जांच की जा रही है, वहीं सर्पदंश और कुत्ता काटने जैसे मामलों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा और इलाज की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। स्थानीय एएनएम पुष्पा सिंह, गुंजन कुमारी और आशा फेसिलेटर अमृता देवी के नेतृत्व में क्षेत्र में सक्रिय आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर शिविर की सूचना दे रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ दिलाने के लिए भी जागरूकता फैलाई जा रही है। डीसीक्यूओ डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि यह अभियान बाढ़ प्रभावित लोगों को संक्रमण और अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।




