PURNIA NEWS, किशन : पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय के पीजी छात्र सह छात्र नेता सौरभ कुमार ने शुक्रवार को कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह को एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें परीक्षा विभाग में व्याप्त अनियमितताओं और कर्मचारियों के मनमाने रवैये की शिकायत की गई है। सौरभ कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीएड पाठ्यक्रम के लंबित मूल प्रमाणपत्रों की प्रिंटिंग में भारी लापरवाही बरती गई है। उन्होंने बताया कि जिन प्रमाणपत्रों को परीक्षा विभाग द्वारा महाविद्यालयों को भेजा गया है, उनमें कई महत्वपूर्ण जानकारियों का अभाव है। विशेष रूप से प्रमाणपत्रों पर ग्रेड, परीक्षा वर्ष और अन्य आवश्यक विवरणों का उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे छात्रों को भविष्य में शैक्षणिक और व्यावसायिक स्तर पर गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
छात्र नेता ने आरोप लगाया कि परीक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी न केवल अपने कार्यों में लापरवाह हैं, बल्कि छात्रों के साथ व्यवहार भी अत्यंत अभद्र होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारी परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं, जो विश्वविद्यालय की गरिमा और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति के निजी सहायक का व्यवहार भी बेहद असंतोषजनक और अभद्र है। उनके अनुसार, कुलपति के निजी सहायक भी छात्रहितों की अनदेखी करते हुए मनमानी तरीके से कार्य करते हैं। सौरभ कुमार ने मांग की कि कुलपति इन गंभीर मामलों का संज्ञान लें और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से परीक्षा विभाग के उन कर्मचारियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की, जो छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और कार्यालयीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतते हैं। साथ ही कुलपति के निजी सहायक को तत्काल प्रभाव से पद से हटाए जाने की भी मांग की गई। यह मामला न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।



