पूर्णिया: गोरेलाल मेहता महाविद्यालय के फेयरवेल डांस वीडियो को लेकर प्राचार्य प्रो. प्रमोद भारतीय के बयान और रवैये ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने पहले विद्यार्थी परिषद और यूट्यूबर को चेतावनी दी कि बिना अनुमति वीडियो प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई होगी। इसे उन्होंने छात्राओं की “लज्जा भंग” करार दिया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद वही वीडियो उन्होंने खुद यूट्यूबर को देकर बयान भी दिया और उसे प्रचारित कराया।
वीडियो सबसे पहले छात्राओं ने ही कॉलेज के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर डाला, जिसके बाद यह वायरल हुआ। विद्यार्थी परिषद और यूट्यूबर ने इसे आगे साझा किया। इस स्थिति में छात्राओं और मीडिया की भूमिका तो रही, पर प्राचार्य का विरोधाभासी रवैया सबसे बड़ा सवाल बन गया है। निष्कर्ष यही निकलता है कि अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासनिक प्रमुख यानी प्राचार्य की थी, जो पूरी नहीं हो पाई।



