रेलवे की सुस्ती: सीताधार पुल तैयार, पर महज 18 मीटर पटरी के कारण 2 साल से अटका परिचालन

करोड़ों की लागत से बना पुल सफेद हाथी साबित; 18 मीटर का लिंक न होने से रोजाना लग रहा घंटों का जाम

अररिया, प्रिंस कुमार: 31 जनवरी फारबिसगंज-सरायगढ़ रेलखंड पर अमान परिवर्तन का कार्य पूरा हुए वर्षों बीत गए, लेकिन रेलवे की एक छोटी सी लापरवाही यात्रियों और शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। सीताधार रेल पुल का निर्माण कार्य पूरा हुए दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन महज 18 मीटर रेल पटरी नहीं बिछाई जाने के कारण इस नए पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं हो सका है।

वैकल्पिक मार्ग बना परेशानी का सबब
वर्तमान में ट्रेनें जोगबनी से आने वाली लाइन से जोड़कर एक वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए चलाई जा रही हैं। स्थिति यह है कि फारबिसगंज स्थित केजे 65 रेलवे क्रॉसिंग पर दोनों ओर पटरियां बिछी हुई हैं, लेकिन बीच का मामूली हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। मुख्य सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण और हरी झंडी मिलने के बावजूद ट्रेनें आज भी पुराने और घुमावदार वैकल्पिक मार्ग से ही गुजर रही हैं।

जाम और देरी से जूझ रहे यात्री और आम लोग
रेल परामर्शदात्री सदस्य बछराज राखेचा ने बताया कि इस 18 मीटर लिंक के न होने से तकनीकी समस्या खड़ी हो रही है। जब सरायगढ़ और जोगबनी की ओर से ट्रेनें आती हैं, तो किसी एक ट्रेन को केजे 65 क्रॉसिंग से पहले रुकना पड़ता है। इससे न केवल ट्रेनें लेट होती हैं, बल्कि सुभाष चौक रेलवे क्रॉसिंग पर भी लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे पूरा शहर परेशान रहता है।

विभागीय तालमेल की कमी?
पूर्व मध्य रेलवे की परामर्शदात्री समिति के सदस्य विनोद सरावगी ने हाल ही में समस्तीपुर की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। चौंकाने वाली बात यह है कि रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस छोटे से काम को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (कटिहार मंडल) को पूरा करना है। सरावगी ने कहा कि: “रेलवे के लिए 18 मीटर पटरी बिछाना कोई बड़ा काम नहीं है। मात्र कुछ घंटों के मेगा ट्रैफिक ब्लॉक से यह काम पूरा हो सकता है। इसके जुड़ते ही सहरसा और दरभंगा की ओर जाने वाली ट्रेनें बिना किसी रुकावट के सीधे निकल सकेंगी।”

प्रमुख मांगें:
केजे 65 रेलवे क्रॉसिंग के पास अधूरे 18 मीटर हिस्से को तत्काल जोड़ना। सीताधार पुल के माध्यम से ट्रेनों का निर्बाध संचालन शुरू करना। सुभाष चौक पर लगने वाले जाम से शहर को मुक्ति दिलाना। अब देखना यह है कि कटिहार रेल मंडल इस ‘नन्हीं’ मगर बेहद महत्वपूर्ण बाधा को कब दूर करता है।

Share This Article
अंग इंडिया न्यूज़ एक समर्पित डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है जो भारत की सांस्कृतिक गहराइयों, सामाजिक मुद्दों और जन-आवाज को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य है—हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर भाषा को प्रतिनिधित्व देना, ताकि खबरें सिर्फ सूचनाएं न रहें, बल्कि बदलाव की प्रेरणा बनें।हम न सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को कवर करते हैं, बल्कि उन कहानियों को भी उजागर करते हैं जो आमतौर पर मुख्यधारा से दूर रह जाती हैं। अंग इंडिया न्यूज़ का हर लेख, हर रिपोर्ट और हर विश्लेषण एक सोच के साथ लिखा जाता है—"जनता की नज़र से, जनता के लिए।"
- Advertisement -

आपके लिए ख़ास ख़बर

App Icon