सहरसा, अजय कुमार : भूमि से जुड़े मामलों में आम नागरिकों को शीघ्र राहत देने और वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने जन संवाद आधारित कार्यप्रणाली को और सशक्त किया है। इसी क्रम में 31 दिसंबर को सहरसा में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री-सह-मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा करेंगे।सरकार का फोकस अब फाइलों की प्रक्रिया से आगे बढ़कर सीधे नागरिकों की सुनवाई और जवाबदेही तय करने पर है। इस संवाद कार्यक्रम के माध्यम से दाखिल–खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी जैसी ऑनलाइन सेवाओं से जुड़ी शिकायतों को आमजन के सामने ही संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्ट कराया जाएगा।चयनित मामलों में पीड़ित, अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी एक ही मंच पर बैठकर समस्या के कारण और समाधान पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन प्रेक्षागृह, सहरसा (विकास भवन के सामने) किया जाएगा। पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 2:30 बजे तक आयोजित प्रथम सत्र में आम जनता की समस्याएं सुनी जाएंगी।
इसके लिए आवेदकों का पंजीकरण सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक अंचलवार काउंटरों पर किया जाएगा। सभी आवेदनों को डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे हर शिकायत पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।जन संवाद के बाद अपराह्न 3:30 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली की आंकड़ों के आधार पर गहन समीक्षा होगी। बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। इस दौरान अभियान बसेरा–2 सहित सभी सेवाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का स्पष्ट संदेश है कि भूमि अभिलेख अद्यतन होंगे तो विवाद स्वतः घटेंगे। सरकार की मंशा है कि पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था और नियमित समीक्षा के माध्यम से राजस्व प्रशासन को अधिक जन अनुकूल बनाया जाए। इसी दिशा में प्रमंडल मुख्यालय स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है और आने वाले दिनों में जिलावार समीक्षा के जरिए जवाबदेही और कड़ी की जाएगी।भूमि सुधार जनकल्याण संवाद सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत नागरिकों को समयबद्ध न्याय,भरोसेमंद सेवा और बिना भटकाव के समाधान उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।



