सहरसा, अजय कुमार: कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय सहरसा में विश्वविद्यालय स्थापित करने की सुगबुगाहट एक बार फिर से तेज हुई है। करीब चार दशक पूर्व इस प्रमंडलीय मुख्यालय में भारती मंडन विश्वविद्यालय स्थापित करने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. डा जगन्नाथ मिश्रा ने अपने अंतिम कार्यकाल के समय स्थानीय स्नातकोत्तर केन्द्र के बगल में नव विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा में कार्यरतअधिकारी रवि कांत झा को तत्काल उप कुलसचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति भी कर दिये। लेकिन कोसी प्रमंडल वासियों के लिए यह महज एक सपना बन कर ही रह गया। कोसी प्रमंडल मुख्यालय सहरसा में भारती मंडन विश्वविद्यालय स्थापित करने को लेकर छात्र-छात्राओं सहित बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और राजनीतिज्ञों ने भी कदम ताल कर लगातार जन आंदोलन किये।
जन आंदोलन की खबर राज्य सरकार तक पहुंची।बाद में सरकारी पहल से यहां के जनमानस में आशा की किरण भी जगी। लेकिन राज्य से कांग्रेस का शासन खत्म होते ही यहां के लोगों के सपनों पर पानी फिर गया। वर्ष1989- 90 के समय बिहार में सत्ता परिवर्तन होते ही तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय सहरसा की अवहेलना कर मधेपुरा स्थित टी पी कालेज में आनन फानन में भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय स्थापित करने को लेकर शिलान्यास भी कर दिये और डा रमेन्द्र कुमार यादव रवि को प्रथम कुलपति के रूप में पदस्थापित कराने में सफलता भी हासिल कर ली। ऐसे में विशेष कर सहरसा के वासिन्दे अपने को पूरी तरह ठगी महसूस करने लगे। इस बीच सहरसा विधायक आई पी गुप्ता ने कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय सहरसा में विश्वविद्यालय स्थापित करने को लेकर बिहार विधान सभा के चालू सत्र में सवाल उठाकर एक बार फिर हलचल तेज कर दिया है।
उन्होंने सदन में सवाल करते कहा कि क्या राज्य सरकार ने राज्य के सभी प्रमंडलीय मुख्यालयों में विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है? राज्य सरकार ने अगर ऐसा निर्णय लिया है तो क्या कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय सहरसा में विश्वविद्यालय स्थापित करने की कोई योजना है? उन्होंने सदन में जोर देकर कहा कि सहरसा स्थित एम एल टी कालेज के बगल में पूर्व में विश्वविद्यालय स्थापित करने को लेकर शिलान्यास भी किये गये थे। जबकि एम एल टी कालेज सहरसा में विश्वविद्यालय का कामकाज शुरू करने के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध है। राज्य सरकार से सिर्फ अनुमति मिलने भर की आवश्यकता है। राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन में विधायक आई पी गुप्ता के सवाल का जबाव देते कहा कि राज्य सरकार ने सभी प्रमंडलीय मुख्यालयों में विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय अवश्य ही लिया है।
लेकिन वर्तमान में कोसी प्रमंडल अंतर्गत मधेपुरा में सरकारी विश्वविद्यालय चल रहा है। शिक्षा मंत्री के जबाव से असंतुष्ट विधायक आई पी गुप्ता ने जब दोबारा सवाल करना शुरू किये तो विधान सभाध्यक्ष प्रेम कुमार ने उनसे कहा कि शिक्षा मंत्री सारी बातें सुन लिये हैं। राज्य सरकार बिहार में बड़ी संख्या में डिग्री कालेज खोलने जा रही है। राज्य के विभिन्न प्रखंडो में सरकारी डिग्री कालेज खुलने के बाद सदन में उठाये गये सवाल के आलोक में आगे की कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल सहरसा के विधायक आई पी गुप्ता द्वारा बिहार विधान सभा के चालू सत्र में सहरसा में विश्वविद्यालय स्थापित करने संबंधित सवाल करने के बाद अब आम जन मानस में एक बार फिर हलचल तेज हो गयी है।



