SAHARSA NEWS,अजय कुमार : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बनगांव रोड स्थित शांति अनुभूति भवन में नवरात्रि के शुभ अवसर पर बाल ब्रह्मचारिणी, तपस्विनी, वरदानीमूर्त राजयोगिनी रानी दीदी का चैतन्य देवी के रूप में सम्मान एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस अवसर पर मुज़फ़्फ़रपुर से पधारीं बिहार एवं झारखण्ड सेवाकेंद्र निदेशिका राजयोगिनी रानी दीदी ने अपने आशीर्वचन में नवरात्रि पर्व के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ रूपों की विधिवत् उपासना की जाती है। उन्हें आदिशक्ति भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने सारे जगत की माँ के रूप में सभी मनुष्य आत्माओं की ज्ञान, गुण और शक्तियों से दिव्य पालना की, इसलिए उन्हें जगदम्बा माँ कहते हैं। उनका यह दिव्य कर्तव्य अभी चल रहा है। माँ ने परमात्मा शिव से शक्ति लेकर शक्ति स्वरूपा बन सारे विश्व का कल्याण किया, सभी के अंदर विराजित तमोगुण, विषय-विकारों का नाश किया। इसलिए वो शिव शक्ति कहलाईं। राजयोग के द्वारा स्वयं के अंदर अष्ट शक्तियों को धारण कर अष्टभुजा धारिणी बन आसुरी संस्कारों का मर्दन किया। तभी उनका नाम दुर्गा पड़ा अर्थात् दुर्गुणों का नाश करने वाली माँ।
उन्होंने कहा- हमें फक्र है कि हम ऐसी माँ की संतान हैं। अभी हम भी परमात्मा शिव से सर्व शक्तियाँ लेकर स्वयं को जगदम्बा माँ समान बना सकते हैं और सृष्टि को पापाचार, भ्रष्टाचार, अनाचार से मुक्त कर भारत को फिर से देवालय सतयुग बनाने में परमात्मा शिव और माँ जगदम्बा के सहयोगी बनने का भाग्य प्राप्त कर सकते हैं।स्थानीय सेवाकेन्द्र प्रभारी स्नेहा बहन ने कहा कि यह समस्त कोशी वासियों के लिए सम्मान और गौरव की बात है कि देवी स्वरूपा दीदी के चरण नवरात्रि के शुभ मौक़े से इस धरती पर पड़े। हम स्वयं को धन्य-धन्य महसूस कर रहे हैं। देवी स्वरूपा दीदी के लिए हमारा सबसे बड़ा चढ़ावा यही होगा कि हम नारी शक्ति को सम्मान की दृष्टि से देखें और भारत के गौरवशाली अतीत, जहाँ देवियों का नाम देवताओं से पहले लिया जाता रहा है को पुनः स्थापित करने की दिशा में अपने विचारों को सद्गुणों से सजायें।तत्पश्चात् राजयोगिनी रानी दीदी का मुकुट, माला एवं चुनरी से सम्मान एवं अभिनंदन किया गया, आरती की गई और बच्चियों के द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया। साथ-साथ स्नेहा बहन, पुष्पा बहन, वंदना बहन, पूनम बहन, रूबी बहन और माउंट आबू से पधारे योगेश्वर भाई का भी सम्मान किया गया। दीदी के द्वारा सभी को प्रसाद स्वरूप फल वितरित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रोफेसर अर्जुन प्रसाद, ओम प्रकाश चौधरी, कन्हैया सुरेका, सुबोध मावंडिया, अमर दहलान, इंजीनियर उत्तम, डॉ संजय, शत्रुघ्न भाई, अवधेश भाई, मनोज भाई सहित सैकड़ों भाई-बहन उपस्थित थे।



