सहरसा, अजय कुमार: SAHARSA NEWS आरटीआई कार्यकर्ता अनिल कुमार सिंह द्वारा नगर निगम में नगर आयुक्त द्वारा करोड़ों रुपये घोटाले का सनसनीखेज खुलासा किया किया गया है।शहर के गंगजला चौक स्थित एक होटल सभागार मे रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस मे उन्होंने मीडिया कर्मियों की इसकी विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की एजेन्सी ईडी एवं बिहार सरकार की एजेन्सी निगरानी के दो आरोपी पदाधिकारी ने सहरसा नगर निगम में करोड़ो रूपये का लूट कर बंदरबाट करने का मामला प्रकाश में आया है। दोनो पदाधिकारीयो ने अपने अल्प कार्यकाल में सहरसा नगर निगम को नरक निगम बना दिया जिसका दुर्गन्ध अब सहरसा से दिल्ली के एजेन्सी ईडी को भी मिलने लग गया।सहरसा नगर निगम की सभी करोड़ो रूपये की निकासी कर खोखला कर दिया है।साफ-सफाई एजेन्सी का चयन से लेकर भुगतान करने में दोनो पदाधिकारीयो ने सभी सीमा को लांघकर करोड़ो का वित्तीय अनियमित्ता कर गबन किया है। साफ-सफाई के नाम पर 36 करोड़ रूपये का एजेन्सी से एकरारनामा कर 50-50 प्रतिशत कर बंदरबाट किया है।भ्रष्टाचार मुक्त कोशी जागरूकता अभियान के संयोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि माननीय पटना उच्च न्यायालय CWJC NO- 8213/2023 न्याय आदेश के आलोक में नगर निगम सहरसा के साफ-सफाई एजेन्सी के चयन हेतू जेम पोर्टल पर 06 नवम्बर 2024 को बीड संख्या 5569784 आमंत्रित किया गया।
बीड खोलने की तिथि 16 नवम्बर 2024 को निर्धारित किया गया उक्त निविदा में 6 निविदाकारो ने भाग लिया। तत्कालिन नगर आयुक्त बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मुमक्षु चौधरी के द्वारा 4 निवदाकारो को तकनीकी बीड में असफल करते हुए दो निविदाकारो को सफल घोषित किया गया। असफल निवदाकारो द्वारा आपत्ति भी दर्ज की गई जिसे नगर आयुक्त को खारिज कर दिया। सफल दो निविदाकारो का वित्तीय बीड L1 को 35 करोड़ 71 लाख 53 हजार तथा L2 को 35 करोड़ 75 लाख 19 हजार दर दिया गया।सहरसा नगर निगम का दो वर्ष के लिए साफ-सफाई हेतू 15 हजार क्वंटल प्रतिमाह कचरा उठाने हेतू 36 करोड़ का राशि तय किया। अर्थात 1 करोड़ 50 लाख प्रतिमाह यानि प्रति क्वंटल कचरा के लिए एक हजार रूपया का दर निविदा हेतू तय कि गई। जबकी पिछले एजेन्सी को इसी काम के लिए लगभग 94 लाख प्रतिमाह भुगतान नगर निगम के द्वारा तय किया गया यानि दो वर्ष 22 करोड़ 56 लाख खर्च होता।वही नगर निगम सहरसा में उपलब्ध वाहनों तथा ट्रैक्टर, जेसीबी, टीपर, आदि साफ-सफाई का कार्य में नगर निगम द्वारा निर्धारित भाड़े पर लेना अनिवार्य होगा। वाहनों में इंधन एवं रख-रखाव की व्यवस्था संस्था/एजेन्सी को स्वंय की स्तर से करनी होगी साथ ही साथ गाड़ी का लघु मरम्मति एवं सर्विसिंग भी संवेदक को ही करना होगा तथा एकरारनामा समाप्त होने पर सही स्थिति में सभी गाड़ी वापस करना होगा। अनुबन्ध के आधार पर चयनित एजेन्सी को 01 दिसम्बर 2024 से दो वर्ष के लिए कार्य करने का आदेश दिया गया। लेकिन नगर आयुक्त मुमक्षु चौधरी ने 02 दिसम्बर 2024 को L1 सफल निविदाकार के जगह सफल L1 एजेन्सी एम आफ पीपल एवं एक अन्य एजेन्सी अर्बन इनराँनमेंटल सोल्यूशन प्रा लि पटना के साथ एकरारनामा कर दिया गया। सबसे मजेदार एवं गंभीर बात यह है कि दुसरा एजेन्सी तो ना तो निविदा में भाग लिया और न ही बीड के कांट्रैक्ट 27 नवम्बर 2024 में ही उल्लेख है।
सबसे रोचक बात यह है कि सर्विस एकरारनामा के कण्डिका में नगर निगम के द्वारा भुगतान के शर्त में पचास प्रतिशत खाता संख्या 3949214000026 केनरा बैंक में एम आफ पीपल का भुगतान प्राप्ति के 3 दिनों के अंदर करने का प्रावधान किया गया। स्पष्ट प्रमाणित होता है कि भ्रष्टाचार के इस खेल में मास्टर माईन्ड अर्बन है जिसका सम्पर्क बिहार के भ्रष्ट अधिकारी एवं सत्ताधारी नेता से सांठगाठ है एवं यह एजेन्सी ईडी के रडार पर है।उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त मुमक्षु चौधरी सहरसा नगर निगम के पद पर 29 जनवरी से 20 दिसम्बर 2024 तक मात्र 11 माह रहे। श्री चौधरी का स्थानान्तरण वित्त विभाग बिहार सरकार के संयुक्त सचिव के पद पर किया गया। उप नगर आयुक्त अनुभूति श्रीवास्तव ने प्रभारी नगर आयुक्त के पद पर 20 दिसम्बर को योगदान देकर 04 मार्च 2025 तक सहरसा में रहे तथा स्थानन्तरण पद पर कार्यपालक पदाधिकारी सीवान के पद पर योगदान हेतू विरमित हो गये। श्रीवास्तव मात्र 73 दिनों में सहरसा नगर निगम का करोड़ो रूपये का लूट किया। करोड़ो रूपये का बिना आवश्यकता का अधिक कीमत पर सामान का क्रय किया। नियम एवं शर्त का उल्लंघन कर बिना किसी कटौती कर प्रति माह 1 करोड 48 लाख 81 हजार 375 रूपया की दर से तीन माह दिसम्बर 2024 जनवरी एवं फरवरी 2025 का भुगतान लगभग 4 करोड़ 50 लाख का कर दिया गया। अनुबन्ध एवं निविदा डीड के नियम के तहत कचरा के वनज के आधार पर भुगतान करने का प्रावधान है लेकिन बिना वजन का भुगतान किया गया। नगर निगम के द्वारा 266 सफाईकर्मी का भुगतान लगभग 81 लाख का कटौती एजेन्सी से नहीं किया। साथ ही गार्ड का भाड़े का कटौती भी एजेन्सी ने नहीं किया गया लगभग 12 लाख प्रतिमाह की दर से 36 लाख का भाड़ा का कटौती नहीं किया गया तीन सम्प हाउस के डीजल के मद में लगभग 20 लाख प्रतिमाह की दर से 60 लाख का भी कटौती नगर निगम के द्वारा नहीं किया गया।भ्रष्टाचार मुक्त कोशी जागरूकता अभियान दोनो भ्रष्ट पदाधिकारी को सेवा से बर्खास्त करते हुए दोनो के कार्यकाल की जाँच केन्द्रीय एजेन्सी ईडी एवं बिहार सरकार की एजेन्सी निगरानी अनवेषण ब्यूरो से कराने का अनुरोध किया है।
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