SAHARSA NEWS,अजय कुमार : शहर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मत्स्यगंधा झील वर्षों से उपेक्षित है।लेकिन अब मत्स्यगंधा झील के भी अच्छे दिन अब आने वाला है।जो बहुत जल्द वैश्विक पटल पर पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।इसको लेकर चयनित कार्य एजेंसी द्वारा मत्स्यगंधा में कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्माण में लगने वाले मेटेरियल एवं अन्य संसाधन जुटाए जा रहे है। खुदाई एवं निर्माण की दिशा में कार्य आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने इसके लिए लगभग 98 करोड़ की राशि की स्वीकृति दी है। जिसपर अब कार्य प्रारंभ कर दिया गया।पर्यावरणीय, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस झील के सौंदर्यीकरण के लिए पटना की कार्य एजेंसी आद्या राज डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने कार्य शुरू कर दिया है। एजेंसी अपनी तकनीकी टीम के साथ मत्स्यगंधा झील के निकट होटल कोसी बिहार के निकट भवन निर्माण के लिए गड्डे की खुदाई की जा रही है।साथ ही छड, गिट्टी, बालू सहित अन्य आवश्यक सामग्रियों का लगातार स्टॉक किया जा रहा है। कार्य स्थल पर मौजूद कर्मियों ने बताया कि झील के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण की अवधि एक वर्ष निर्धारित की गयी है।इसके लिए झील के आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाना,विद्युत पोलों का पुनर्स्थापन एवं झील की प्राकृतिक छवि को बहाल करने का कार्य किया जा रहा है।
योजना के तहत झील के लगभग चार सौ मीटर घाट को विकसित किया जाएगा। इस विकास कार्य में घाट का निर्माण, बैठने की व्यवस्था, साज-सज्जा, रौशनी की आधुनिक व्यवस्था,सुरक्षा एवं स्वच्छता जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।यह घाट ना केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा बल्कि आमजनों के लिए एक आकर्षक व मनोरम स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। झील के सौंदर्यीकरण के तहत यहां ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।जो सैलानियों एवं स्थानीय लोगों के लिए एक खास आकर्षण होगा।यह ब्रिज झील के ऊपर निर्मित होगा। जिससे झील की खूबसूरती को नजदीक से देखा जा सकेगा।
इसके अलावा, मल्टीकलर फाउंटेन भी लगाए जाएंगे। जो विशेषकर शाम के समय झील की सुंदरता में चार चांद लगायेगा। इस योजना का सबसे अहम पहलू यह है कि झील के किनारे मत्स्यगंधा से संबंधित एक ऐतिहासिक म्यूजियम का निर्माण भी प्रस्तावित है।यह म्यूज़ियम ना केवल झील के नाम की पौराणिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाएगा। बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय संस्कृति व इतिहास को संरक्षित करेगा।जो आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का काम करेगा। म्यूजियम में डिजिटल डिस्प्ले, आर्ट गैलरी एवं प्राचीन दस्तावेजों के संग्रह की भी व्यवस्था होगी।यह परियोजना ना केवल पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करने में सहायक होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर को बढायेगा। निर्माण कार्य से लेकर रखरखाव, गाइड, सफाई कर्मी, म्यूज़ियम स्टाफ, सुरक्षाकर्मी एवं विभिन्न दुकानों से जुड़े लोग इस योजना से लाभांवित होंगे।इसके अलावे सेंट्रल एंट्रेंस प्लाजा, एक्सपीरियंस सेंटर, शोरवेनियर शॉप, टॉयलेट ब्लॉक, शॉप्स, फूड कोर्ट एंड एडमिन ब्लॉक, हाट, पार्किंग, तीन एंट्रेंस गेट, प्रॉमिनेंट एलिवेटेड वॉक वे, सेंट्रल स्टैचू, ट्री ऑफ़ लाइट एंड सुपर ट्रीज, सेंट्रल पाउंड, परफॉर्मेंस स्टेज, सेल्फी प्वाइंट, मेला ग्राउंड, पाथवे एंड कैंपस डेवलपमेंट विथ लैंडस्केप बनेगा।




