पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: जबततक सम्मानजनक मानदेय एवं उनकी मांगों को सरकार मान नहीं लेती है, तबतक उनकी हडताल चलती रहेगी। उक्त बातें प्रखंड प्रखंड के लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कार्य करनेवाले पर्यवेक्षक एवं कर्मी संघ के कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार जायसवाल ने सभी कर्मियों की बैठक में कही। उन्होंने कहा तथा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हमेशा से ही नीचले तबके के कर्मचारियों को दबाना चाहती है। सरकार ने उन्हें संविदाकर्मी के आधार पर नियुक्ति की थी, परंतु अब वह अपनी बातों से मुकर रही है। उन्हें अंशकालीक मान रही है। जबकि उनसे अपने कार्य के अलावा सभी तरह के सरकारी काम ले रही है।
सर्वे, एसआईआर, हाट-बाजार आदि जहां भी उसे जरूरत पडती है, उनसे कार्य लेती रहती है। इस तरह से वेलोग एक सरकारी कर्मी की तरह पूरी निष्ठा से अपना कार्य बखुबी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जबतक सरकार उनकी आठ सूत्री प्रमुख मांगें कि सरकार स्वच्छता पर्यवेक्षक को अंशकालीन से हटाकर, पूर्णकालीक किया जाए। ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक 135, 366, 4 दिनांक 8 नवंबर 2022 के तहत संविदा लागु किया जाए। पंचायतीराज विभाग द्वारा निर्गत-पत्र 6 / दिनांक 15 जनवरी 2021 के तहत स्वच्छता पर्यवेक्षक को 20 हजार रूपये मासिक दिया जाए, सेवाकाल बिना शर्त 60 वर्ष किया जाए, सभी बकाया मानदेय अविलंब भुगतान किया जाए, स्वच्छताकर्मी का मानदेय 10000 रूपये किया जाए, कार्य अवधि में मृत्यु में होनेपर आकस्मिक मृत्यु के लाभ के साथ-साथ उस परिवार के सदस्य के किसी सदस्य को चयन किया जाए।
ईपीएफ लागु किया जाए एवं कार्य अवधि के अतिरिक्त कार्य के लिए अतिरिक्त भत्ता और विभागीय कार्य के अलावे अन्यकार्य के लिए प्रतिनियुक्ति पर रोक लगाया जाय। मौके पर प्रखंड संघ अध्यक्ष तारा देवी, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार जायसवाल, संतोष कुमार, मो आशीफ आलम, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, डोली भारती, गया कुमार राम, रामनाथ कुमार मंडल, पप्पू कुमार, मो इकबाल आलम, अमरजीत सिंह, मो आफताब आलम, राहुल कुमार, आलोक कुमार, चंदन कुमार, कुणाल ठाकुर सहित सभी पर्यवेक्षक एवं स्वच्छताकर्मी उपस्थित थे।



