अररिया, प्रिंस (अन्ना राय): सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की 56वीं वाहिनी, बथनाहा के चिकित्सा कार्मिकों और संयुक्त अस्पताल, बथनाहा के स्टाफ द्वारा आज शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण सीपीआर (CPR) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जवानों और कार्मिकों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करने पर केंद्रित था। सीपीआर का पूरा नाम कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (Cardiopulmonary Resuscitation) है, जो एक अत्यंत आवश्यक जीवन-रक्षक प्रक्रिया है।
कार्डियक अरेस्ट की स्थिति से निपटने की जानकारी
एसएसबी के चिकित्सकों ने जवानों को बताया कि यह प्रक्रिया तब की जाती है जब किसी व्यक्ति की साँस या दिल की धड़कन अचानक रुक जाती है, खासकर कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में। यह प्रक्रिया डॉक्टर के आने से पहले ही पीड़ित की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम के दौरान, एसएसबी के चिकित्सकों ने जवानों को सीपीआर के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और मॉकड्रिल (Mockdrill) आयोजित कर इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस मौके पर एसएसबी 56वीं वाहिनी के अधिकारीगण, अन्य कार्मिक और संयुक्त अस्पताल बथनाहा के अधिकारी व अन्य कार्मिक भी उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण से बल के जवान किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे।



