पूर्णिया: पूर्णिया विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों की बहाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छात्र नेता सौरभ कुमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह बहाली बिना आरक्षण रोस्टर प्रणाली के निकाली गई है, जो न केवल नियमों की अनदेखी है बल्कि इससे एक विशेष वर्ग को लाभ पहुंचाने की मंशा भी झलकती है। सौरभ ने कुलपति को ई-मेल के माध्यम से आवेदन भेजकर बहाली रद्द करने की मांग की है। उन्होंने पूछा है कि क्या विश्वविद्यालय ने नया आरक्षण रोस्टर तैयार कर प्रमंडलीय आयुक्त से अनुमोदन प्राप्त किया है? यदि हां, तो उसकी तिथि और वर्ष को सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने कहा कि बिना रोस्टर के की गई बहाली पर विश्वविद्यालय की नियत पर सवाल उठते हैं। यदि जल्द इस प्रक्रिया को रद्द नहीं किया गया, तो छात्र संगठनों द्वारा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। सौरभ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आरक्षण नीति का उल्लंघन संविधान और सामाजिक न्याय के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


