पूर्णिया: पूर्णिया विश्वविद्यालय के शोधार्थी रवि गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय अपने पीठों के कार्यक्रमों को भूलता जा रहा है, जिसके चलते तीनों पीठों में जयंती या पुण्यतिथि के आयोजन अब तक नहीं किए गए। इस कमी के बीच छात्रों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और संगोष्ठी आयोजित की।
रवि गुप्ता ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी केवल विचारक नहीं थे, बल्कि राष्ट्रभक्त और समाज सुधारक थे, जिन्होंने “एकात्म मानववाद” का सिद्धांत देकर शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विकास की समान आवश्यकता पर जोर दिया। छात्र नेता कुंदन कुमार नंदन ने कहा कि पंडित जी हमेशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति—गरीब, किसान, मजदूर और वंचित—के विकास पर ध्यान देते थे, जबकि छात्र विकास कुमार ने युवाओं को शिक्षा को केवल नौकरी का साधन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने का संदेश दिया।
छात्रों ने आह्वान किया कि उनके आदर्शों और मूल्यों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर जीवन में अपनाया जाए, जिससे भारत आत्मनिर्भर, संवेदनशील और विश्व गुरु बन सके। इस अवसर पर शोधार्थी गौतम कुमार, सतीश कुमार, रोहित, मणिकांत, दीपक और राजन भी उपस्थित थे।



