बिहार में टीबी उन्मूलन अभियान को मिली गति: बेगूसराय का ‘पोषण मॉडल’ बना मिसाल, 1.26 लाख मरीजों ने दी सहमति

PATNA NEWS : बिहार में टीबी मुक्त राज्य बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के प्रयास रंग ला रहे हैं – मरीजों को मुख्यधारा से जोड़ने और पोषण सहायता देने के अभियान में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। बेगूसराय जिला इस मामले में सबसे आगे है, जहां 1,489 मरीजों को सीधे पोषण लाभ से जोड़ा गया और 2,961 फुड बास्केट वितरित किए गए – राज्य में सर्वाधिक। सहरसा ने निजी क्षेत्र के 3,767 मरीजों में से लगभग सभी की सहमति प्राप्त कर मात्र 38 मामले लंबित रखे, जबकि जहानाबाद (839 सहमति) और अरवल जैसे जिलों ने सरकारी केंद्रों पर पेंडेंसी न्यूनतम रखी।

राज्य भर में 1.26 लाख से अधिक मरीजों (निजी क्षेत्र में 72,157 और सरकारी में 54,723) ने उपचार-सहायता के लिए सहमति दी है, जबकि कुल 9,692 फुड बास्केट वितरित हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि बेगूसराय-सहरसा जैसे जिलों की सक्रियता से चेन रिएक्शन शुरू होगा और जन-भागीदारी बढ़ने से टीबी मुक्त बिहार का संकल्प जल्द पूरा होगा। यह अभियान इलाज के साथ पोषण पर फोकस कर मरीजों के स्वास्थ्य सुधार की नई मिसाल पेश कर रहा है।

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