सहरसा, अजय कुमार: आजादी के दिवानों व क्रांतिकारियों के लिए वंदेमातरम गीत किसी संजीवनी से कम नही था। इस गीत से आजादी को प्राण मिला।उस राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को स्थानीय प्रेक्षा गृह में जिलाधिकारी दीपेश कुमार के नेतृत्व में उल्लासपूर्ण व उत्साहपूर्ण वातावरण में राष्ट्रगीत का गायन किया गया।
साथ ही इस गीत से प्रेरणा पाकर भारत माता को आजाद दिलाई। इसके साथ साथ जेल यातना सही हजारो क्रांतिवीरों ने अपना सर्वस्व बलिदान दिया। उन महान क्रान्तिकारियों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई।अंग्रेजों की विभाजनकारी नीति के विरोध में एकता अखंडता के लिए वंकिम चन्द्र चटर्जी नें एक सौ पचास वर्ष पूर्व वंदेमातरम गीत की रचना की।

यह केवल राष्ट्रीय गीत ही नही है बल्कि भारत माता के सपूतों के लिए मंत्र बन गया। इस गीत को गाकर स्वतंत्रता सेनानियों ने हंसते हंसते फांसी के फंदे से झूल गए। लाखों कुर्बान हुए तब जाकर यह आजादी मिली है। राष्ट्रगीत गायन कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त संजीव कुमार निराला, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन संजीव कुमार चौधरी, अपर समाहर्ता विभागीय जांच गणेश कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं विभिन्न सरकारी विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने भाग लिया।



