Waqf Amendment Bill LIVE :  इधर वक्फ बिल पर बिहार में घमासान; उधर जनसुराज के एक दावे से मच सकता है सियासी भूचाल

Waqf Amendment Bill LIVE : बिहार में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को लेकर सियासी घमासान अपने चरम पर है। एक तरफ जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर इस बिल के समर्थन को लेकर तीखा हमला बोला है, तो दूसरी तरफ उनकी पार्टी के एक दावे ने बिहार की राजनीति में भूचाल लाने की संभावना पैदा कर दी है। वक्फ बिल के मुद्दे पर नीतीश सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है, वहीं प्रशांत किशोर का यह नया दावा 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरणों को बदल सकता है।

वक्फ बिल पर प्रशांत का हमला

प्रशांत किशोर ने वक्फ बिल को “ध्रुवीकरण की राजनीति” का हथियार बताते हुए नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह बिल बिना प्रभावित समुदायों से सलाह-मशविरे के जबरन थोपा जा रहा है। मुस्लिम समुदाय में इसे लेकर डर का माहौल है। नीतीश कुमार गांधी और लोहिया का नाम लेते हैं, लेकिन इस बिल का समर्थन कर वे मुस्लिमों की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं।” किशोर ने दावा किया कि अगर जदयू के सांसद इस बिल के खिलाफ वोट करते हैं, तो यह कानून बन ही नहीं सकता। उन्होंने चेतावनी दी, “इतिहास बीजेपी से ज्यादा नीतीश कुमार को दोषी ठहराएगा।”

पिछले हफ्ते पटना के गर्दनीबाग में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर किशोर ने मुस्लिम वोटरों को लुभाने की कोशिश की थी। उनकी पार्टी जनसुराज खुद को राजद और जदयू के विकल्प के रूप में पेश कर रही है, जो मुस्लिम समुदाय के बीच प्रभाव रखते हैं।

जनसुराज का सनसनीखेज दावा

वक्फ बिल पर हमले के बीच प्रशांत किशोर ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि किशोर ने कहा, “2025 के चुनाव में जनसुराज न सिर्फ सभी 243 सीटों पर लड़ेगी, बल्कि हमारा प्रदर्शन एनडीए और महागठबंधन को हैरान कर देगा। हमारा वोट शेयर ऐसा होगा कि बिहार की सियासत में भूचाल आ जाएगा।” हालांकि, यह दावा अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन किशोर के करीबी सूत्रों का कहना है कि उनकी रणनीति मुस्लिम, ईबीसी (अति पिछड़ा वर्ग), और युवा वोटरों को एकजुट करने की है।

जनसुराज ने पिछले साल नवंबर में हुए चार विधानसभा उपचुनावों में हिस्सा लिया था, जहां उसे कोई सीट तो नहीं मिली, लेकिन इमामगंज और बेलागंज में पार्टी ने 10 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल कर अपनी मौजूदगी दर्ज की थी। किशोर ने तब कहा था, “हमें सिर्फ 10 दिन प्रचार के लिए मिले थे, फिर भी हमने दिखा दिया कि जनसुराज एक ताकत है।”

बिहार की सियासत पर असर

वक्फ बिल को लेकर नीतीश कुमार और जदयू पर हमला प्रशांत किशोर की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह मुस्लिम वोट बैंक को अपनी ओर खींचना चाहते हैं। बिहार में मुस्लिम आबादी करीब 18 फीसदी है, जो कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाती है। किशोर का दावा है कि मुस्लिम समुदाय राजद को बीजेपी के डर से और जदयू को मजबूरी में वोट देता है, लेकिन जनसुराज एक नया विकल्प बनकर उभरेगी।

अगर जनसुराज का वोट शेयर वाकई बढ़ता है, तो यह एनडीए (बीजेपी-जदयू) और महागठबंधन (राजद-कांग्रेस) दोनों के लिए खतरा बन सकता है। खासकर नीतीश कुमार की जदयू, जो मुस्लिम और ईबीसी वोटों पर निर्भर है, को इससे नुकसान हो सकता है। वहीं, किशोर की ऊपरी जातियों और युवाओं तक पहुंचने की कोशिश बीजेपी के वोट बैंक में भी सेंध लगा सकती है।

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