पूर्णिया: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए डोमिसाइल नीति लागू करने की घोषणा की है। इस नीति के तहत अब केवल बिहार राज्य के स्थायी निवासी ही शिक्षक भर्ती के लिए पात्र होंगे। इस फैसले के बाद पूर्णिया समेत पूरे सीमांचल क्षेत्र के प्रतियोगी छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जो वर्षों से शिक्षक बनने की तैयारी में जुटे हैं।
स्थानीय युवाओं का कहना है कि अब तक बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों की भागीदारी से प्रतियोगिता असमान हो जाती थी और योग्य स्थानीय अभ्यर्थी पीछे रह जाते थे। डोमिसाइल नीति लागू होने से अब चयन प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत और पारदर्शी हो सकेगी। पूर्णिया के कई कोचिंग संस्थानों में इस निर्णय को लेकर सकारात्मक माहौल बन गया है, जहां शिक्षक और छात्र समान रूप से इस पहल का स्वागत कर रहे हैं।
डॉ. प्रभात कुमार सिंह, जो ‘दृष्टि पूर्णिया’ कोचिंग के माध्यम से सिविल सेवा और शिक्षक भर्ती की तैयारी करवा रहे हैं, ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा —
“यह निर्णय बिहार के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे न सिर्फ स्थानीय अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा, बल्कि शिक्षक भी अब समाज और बच्चों की जरूरतों के अनुसार अधिक संवेदनशील और प्रभावी बन सकेंगे।”
इस नीति से बिहार के छात्रों को न केवल अवसर बढ़ेंगे बल्कि स्थानीय विद्यालयों में ऐसे शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे जो यहां की भाषा, सामाजिक परिस्थिति और बच्चों की जरूरतों को बेहतर समझते हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ यह कदम स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देगा। पूर्णिया के युवाओं ने इस फैसले को ‘मेहनत का सम्मान’ बताते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।



