PURNIA NEWS,विमल किशोर : अमौर प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय का लाभ स्थानीय पशु पालकों को नहीं मिल रहा है। चिकित्सालय के बंद होने का कोई समय ही निर्धारित नहीं है। मंगलवार को भी पशु चिकित्सालय पर दोपहर 12.28 बजे तक ताला लटक रहा था, जबकि कुछ पशु पालक अपनी बकरियों व् बछड़ा को लेकर इलाज कराने आए हुए थे। लेकिन ताला लटक रहा था । पशुपालकों की सूचना पर मुख्य पार्षद प्रतिनिधि मो शाहनवाज आलम ने भी पशु चिकित्सालय पहुंचे , देखा ताला बंद होने के कारण उन्हें भी बैरंग लौटना पड़ा। अमौर प्रखंड मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय में प्रतिदिन आसपास के दर्जनों ग्रामीण अपने पशुओं का इलाज कराने, पशुओं की दवाई आदि लेने आते हैं। ग्रामीण बीमार बकरियों को लेकर इलाज कराने आए थे।
लेकिन ताला लटक देख निराश लौटना पड़ा।वही एक स्टाप आए थे ,उससे पूछने पर बताया कि हम 9.30 बजे से आए हुए हैं, लेकिन मेरे पास चाभी नहीं रहने के कारण अस्पताल नहीं खोल पाए हैं।जबकि मेरे भाई का शादी है एक और दो दिसंबर को जिसको लेकर हम आवेदन दिए हुए हैं छुट्टी के लिए लेकिन हमको फोन कर जानकारी दिया गया है कि आपको अस्पताल आना होगा छुट्टी नहीं मिल है।उसके बाद बाद आए तो चाभी नहीं रहने के कारण हम बाहर बैठे थे। इस वजह से मवेशी लेकर आए ग्रामीणों को बगैर इलाज के ही पशुओं को लेकर लौटना पड़ा। मुख्य पार्षद प्रतिनिधि शाहनवाज आलम ने बताया कि अस्पताल में 12:30 बजे तक ताला बंद होने की सूचना जिला पदाधिकारी को दी गई है। और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।



