पूर्णिया (बिहार): विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल (वीवीआरस), परोरा के छात्रों ने गणित के क्षेत्र में लगातार उपलब्धियों का सिलसिला जारी रखते हुए विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है।
विद्यालय के कक्षा 12 के छात्र अनुराग शंकर और कक्षा 10 के छात्र आर्यन राज ने इंडियन ओलंपियाड क्वालिफाइंग एग्जामिनेशन इन मैथमेटिक्स (आईओक्यूएम) में टॉप 10 प्रतिशत में स्थान प्राप्त किया। आईओक्यूएम परीक्षा देश की सबसे कठिन गणितीय परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें छात्रों की तार्किक क्षमता, वैचारिक समझ और समस्या-समाधान कौशल की परीक्षा होती है।
आईओक्यूएम में इस सफलता के बाद, विद्यालय ने रामानुजन टैलेंट सर्च गणित परीक्षा 2025 में भी ऐतिहासिक परिणाम दर्ज किए। पूर्णिया जिले से चयनित कुल 70 विद्यार्थियों में से 41 विद्यार्थी केवल विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के रहे, जो जिले में अब तक का रिकॉर्ड है। विभिन्न कक्षाओं में छात्रों ने जिला रैंक 1 और 2 हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
सम्मान समारोह
राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर 22 दिसंबर 2025 को पटना स्थित ज्ञान भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में जिला रैंक 1 और 2 प्राप्त करने वाले 8 विद्यार्थियों को माननीय शिक्षा-सह-आईटी मंत्री श्री सुनील कुमार द्वारा प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। शेष 33 चयनित विद्यार्थियों को पूर्णिया इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया।
प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
विद्यालय के प्राचार्य श्री निखिल रंजन ने कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, गणित विभाग के समर्पित मार्गदर्शन और विद्यालय के अनुशासित शैक्षणिक वातावरण का परिणाम है। विद्यालय के सचिव श्री राजेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि आईओक्यूएम और रामानुजन टैलेंट सर्च जैसी परीक्षाओं में सफलता विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मजबूत अकादमिक व्यवस्था का प्रमाण है। निदेशक इंजी. रंजीत कुमार पॉल ने कहा कि गणित में छात्रों की यह दोहरी सफलता यह दर्शाती है कि विद्यालय में प्रतिभाओं को सही दिशा, संसाधन और प्रेरणा प्रदान की जा रही है।
विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। गणित विभाग के सतत प्रयासों, छात्रों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग से यह सफलता संभव हो सकी।
यह उपलब्धि न केवल विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल, बल्कि पूरे पूर्णिया जिले के लिए गौरव का विषय है और भविष्य में विद्यार्थियों को गणित एवं राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।



